सवाई माधोपुर नगर परिषद में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला, किसी ने नामांकन वापस नहीं लिया
सवाई माधोपुर नगर परिषद में सभापति पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक मुकाबला अब और दिलचस्प हो गया है। नामांकन वापसी के आखिरी दिन किसी भी प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया। इसके साथ ही भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला बना हुआ है। सभापति पद के चुनाव में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच टक्कर देखने को मिलेगी।
नामांकन वापसी के आखिरी दिन नहीं बदली तस्वीर
सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद प्रत्याशियों के पास नाम वापस लेने का आखिरी मौका था। लेकिन अंतिम दिन किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन वापस नहीं लिया। इससे चुनावी मैदान में सभी उम्मीदवार बने हुए हैं।
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दोनों प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष में पार्षदों का समर्थन जुटाने की कोशिश में जुट गए हैं। मतदान के दौरान एक-एक वोट महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा-कांग्रेस में सीधा मुकाबला
नगर परिषद में सभापति पद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला है। दोनों दल अपने प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं। स्थानीय स्तर पर पार्षदों से संपर्क और बैठकों का दौर भी तेज हो गया है।
नामांकन वापस नहीं होने से अब चुनावी तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। हालांकि अंतिम फैसला मतदान के बाद ही होगा।
मेवा चौधरी के नाम की चर्चा
सभापति पद के चुनाव में मेवा चौधरी का नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहा है। राजनीतिक समीकरणों के बीच उन्हें सभापति पद की संभावित दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि मेवा चौधरी के सभापति बनने की स्थिति मतदान में मिलने वाले समर्थन पर निर्भर करेगी। फिलहाल दोनों दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
मतदान पर टिकी नजर
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी की नजर मतदान पर है। भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले में निर्दलीय या अन्य पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
अब चुनाव के दौरान पार्षद किस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करते हैं, इससे सभापति पद का फैसला होगा। नामांकन वापस नहीं लेने से चुनावी मुकाबला कायम है और अंतिम परिणाम के लिए मतदान का इंतजार करना होगा।
