डेकवा गांव में पद दंगल का भव्य आयोजन, लोक संस्कृति की दिखी जीवंत झलक
जिले के डेकवा गांव में पारंपरिक लोक संस्कृति को सहेजते हुए पद दंगल का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन ने ग्रामीण अंचल में उत्सव जैसा माहौल बना दिया। पद दंगल में विभिन्न मंडलियों ने अपनी-अपनी अनूठी शैली में धार्मिक कथाओं, वीर गाथाओं और सामाजिक प्रसंगों की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। देर रात तक चले इस पद दंगल में लोक कलाकारों ने ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ पदों की शानदार प्रस्तुति दी। कलाकारों की ओजपूर्ण आवाज और भावपूर्ण गायन ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। रामायण, महाभारत, लोक देवी-देवताओं की कथाओं के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों पर आधारित पदों को भी मंच से प्रस्तुत किया गया।
पद दंगल में मंडलियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। एक के बाद एक मंडली मंच पर उतरी और अपनी प्रस्तुति के माध्यम से श्रोताओं की तालियां बटोरीं। कई पदों में वीर रस, भक्ति रस और हास्य रस का सुंदर समावेश देखने को मिला। दर्शक कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूमते नजर आए और पूरा गांव लोक संस्कृति के रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया।
आयोजकों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को लोक परंपराओं से जोड़ना और ग्रामीण सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखना है। पद दंगल जैसे आयोजन आज के आधुनिक दौर में धीरे-धीरे कम होते जा रहे हैं, ऐसे में डेकवा गांव में इसका आयोजन सराहनीय पहल मानी जा रही है।
स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि पद दंगल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश देने का सशक्त जरिया भी है। इन पदों के माध्यम से समाज को एकजुटता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों का संदेश मिलता है। वहीं युवाओं ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पारंपरिक संस्कृति के प्रति रुचि दिखाई।
