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पर्यटन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में वन विभाग का नया कदम, रोटेशन सिस्टम लागू

 
पर्यटन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में वन विभाग का नया कदम, रोटेशन सिस्टम लागू

रणथम्भौर नेशनल पार्क में पर्यटन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए वन विभाग ने एक अहम प्रशासनिक कदम उठाया है। इस संबंध में विभाग की ओर से नया आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत टिकट चेकिंग, वाहन एंट्री और एग्जिट की प्रक्रिया अब रोटेशन सिस्टम के आधार पर संचालित की जाएगी।

वन विभाग के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य पर्यटन संचालन में पारदर्शिता बढ़ाना, कार्यप्रणाली में एकरूपता लाना और किसी भी प्रकार की अनियमितताओं की संभावना को कम करना है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों और संबंधित स्टाफ की ड्यूटी समय-समय पर बदली जाएगी, ताकि किसी एक स्थान या कार्य पर लंबे समय तक एक ही व्यक्ति की तैनाती न रहे।

अधिकारियों का मानना है कि रोटेशन सिस्टम लागू होने से न केवल निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि टिकटिंग और वाहनों की एंट्री-एग्जिट प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी। इससे पर्यटकों को भी बेहतर और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी।

रणथम्भौर नेशनल पार्क देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में से एक है, जहां हर साल बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक वन्यजीव दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटन प्रबंधन की गुणवत्ता बनाए रखना वन विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

नई व्यवस्था के तहत टिकट चेकिंग, गेट एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर तैनात कर्मचारियों की नियमित अदला-बदली की जाएगी। इसके साथ ही रिकॉर्ड और डिजिटल सिस्टम की निगरानी भी और सख्त की जाएगी।

वन विभाग का कहना है कि इस कदम से पारदर्शिता बढ़ेगी और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा या अनियमितता का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, यह व्यवस्था पार्क के संचालन को और अधिक अनुशासित बनाएगी।

स्थानीय स्तर पर इस निर्णय को सकारात्मक कदम माना जा रहा है। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे रणथम्भौर की छवि और मजबूत होगी तथा पर्यटकों का भरोसा भी बढ़ेगा।

फिलहाल यह नई व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है और इसके प्रभाव की नियमित समीक्षा भी की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर और सुधार किए जा सकें।