चौथ का बरवाड़ा ग्राम पंचायत प्रशासक को हटाया: पट्टों और निर्माण कार्यों में अनियमितता, सरकार ने जारी किया आदेश
सवाई माधोपुर जिले की चौथ का बरवाड़ा ग्राम पंचायत में पट्टे जारी करने और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत की निवर्तमान सरपंच और वर्तमान प्रशासक सीता सैनी को उनके पद से हटा दिया गया है। पंचायती राज विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
जांच रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत में पट्टे जारी करने की प्रक्रिया और अलग-अलग निर्माण कार्यों को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं को लेकर जिम्मेदारी तय किए जाने के बाद सरकार ने सीता सैनी को प्रशासक पद से हटाने का फैसला लिया।
सरकार की ओर से जारी आदेश में कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कदम उठाया गया है।
पट्टों और विकास कार्यों में गड़बड़ी का मामला
ग्राम पंचायत में पट्टों के आवंटन के साथ ही विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठे थे। जांच के दौरान इन मामलों से संबंधित रिकॉर्ड और प्रक्रिया की पड़ताल की गई। रिपोर्ट में नियमों के पालन को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है।
पंचायती राज विभाग के नियमों के तहत ग्राम पंचायतों को आबादी क्षेत्र की भूमि के पट्टे निर्धारित प्रावधानों के अनुसार जारी करने होते हैं। वहीं विकास कार्यों के लिए भी स्वीकृति, तकनीकी प्रक्रिया और निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है।
निवर्तमान उपसरपंच को मिल सकता है कार्यभार
सीता सैनी को प्रशासक पद से हटाए जाने के बाद ग्राम पंचायत का कामकाज सुचारू रखने के लिए नई व्यवस्था की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार निवर्तमान उपसरपंच को प्रशासक का कार्यभार सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कलेक्टर को आदेश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित संभागीय आयुक्त, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पंचायत समिति के विकास अधिकारी को भी आदेश की जानकारी भेजी गई है।
पंचायत के कामकाज पर रहेगी निगरानी
सरकार की इस कार्रवाई के बाद अब ग्राम पंचायत के प्रशासनिक और विकास कार्यों पर निगरानी बढ़ने की संभावना है। नई व्यवस्था के तहत पंचायत के दैनिक कामकाज को आगे बढ़ाया जाएगा।
पट्टों और निर्माण कार्यों में सामने आई अनियमितताओं के बाद हुई यह कार्रवाई पंचायत स्तर पर नियमों के पालन और जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मामले में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई का फैसला संबंधित विभाग की ओर से किया जा सकता है।
