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CCF बोले- भाषा का ज्ञान और वाइल्ड लाइफ की जानकारी जरूरी, नेचर गाइड्स के इंटरव्यू शुरू; 280 का होगा अपडेशन

 
CCF बोले- भाषा का ज्ञान और वाइल्ड लाइफ की जानकारी जरूरी, नेचर गाइड्स के इंटरव्यू शुरू; 280 का होगा अपडेशन

राजस्थान में नेचर गाइड्स के अपडेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वन विभाग की ओर से नेचर गाइड्स के इंटरव्यू लिए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया के तहत करीब 280 नेचर गाइड्स का अपडेशन किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गाइड के लिए भाषा के ज्ञान के साथ-साथ वन्यजीवों और जंगल से जुड़ी जानकारी होना भी जरूरी है।

CCF ने बताया कि नेचर गाइड्स पर्यटकों को वन्यजीव अभयारण्यों और जंगलों की जानकारी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में गाइड के पास संबंधित क्षेत्र के वन्यजीव, वनस्पति, पर्यावरण और स्थानीय परिस्थितियों की पर्याप्त जानकारी होना आवश्यक है।

इंटरव्यू के जरिए होगा मूल्यांकन

नेचर गाइड्स के इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें गाइड्स के ज्ञान और पर्यटकों के साथ संवाद करने की क्षमता का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, केवल जंगल और वन्यजीवों की जानकारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पर्यटकों से बेहतर तरीके से बातचीत करने के लिए भाषा का ज्ञान भी जरूरी है।

गाइड्स को वन्यजीवों के व्यवहार, उनके प्राकृतिक आवास और जंगल में पर्यटकों के लिए निर्धारित नियमों की जानकारी होना भी आवश्यक माना गया है। इंटरव्यू के दौरान इन पहलुओं को ध्यान में रखकर मूल्यांकन किया जा रहा है।

280 गाइड्स का होगा अपडेशन

विभाग की योजना के तहत करीब 280 नेचर गाइड्स का अपडेशन किया जाना है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत गाइड्स का इंटरव्यू लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अपडेशन प्रक्रिया का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर और अधिक जानकारीपूर्ण अनुभव उपलब्ध कराना है।

वन्यजीव पर्यटन में नेचर गाइड की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। पर्यटकों को जंगल में वन्यजीवों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित तरीके से भ्रमण कराने की जिम्मेदारी भी गाइड्स की होती है।

पर्यटकों को मिलेगा बेहतर अनुभव

वन विभाग का मानना है कि प्रशिक्षित और जानकारी रखने वाले नेचर गाइड्स से वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय वन्यजीवों और पर्यावरण की सही जानकारी मिलने से पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा।

इंटरव्यू और अपडेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित गाइड्स को पर्यटन गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। विभाग की ओर से यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि गाइड्स वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े नियमों की जानकारी पर्यटकों तक सही तरीके से पहुंचाएं।