मलारना डूंगर में पशुपालकों का प्रदर्शन: बढ़ती लागत से नाराज, दूध के दाम बढ़ाने की मांग
सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर में पशुपालकों ने पशुपालन की बढ़ती लागत को लेकर प्रदर्शन किया। पशुपालकों ने दूध के मौजूदा दाम को लेकर नाराजगी जताते हुए कीमत बढ़ाने की मांग उठाई। उनका कहना है कि पशुओं के चारे, दाने और अन्य जरूरी खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन दूध की कीमतों में उस अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है।
प्रदर्शन के दौरान पशुपालकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के सामने रखीं। उनका कहना है कि पशुपालन पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। पशुओं के लिए चारा, खल, दाना और अन्य सामग्री महंगी होने से पशुपालकों की लागत बढ़ गई है। इसके अलावा पशुओं की देखभाल और इलाज पर भी खर्च करना पड़ता है।
पशुपालकों का कहना है कि दूध बेचकर होने वाली आमदनी और पशुपालन में आने वाली लागत के बीच अंतर लगातार कम हो रहा है। ऐसे में छोटे और मध्यम पशुपालकों के सामने पशुपालन जारी रखना चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने दूध के दाम बढ़ाने के साथ पशुपालन से जुड़े खर्च को कम करने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे पशुपालकों ने कहा कि दूध उत्पादन में उनकी मेहनत के बावजूद उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि यदि दूध के दाम लागत के अनुसार तय किए जाएं तो पशुपालकों को राहत मिल सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से उनकी मांगों पर जल्द विचार करने की अपील की।
पशुपालकों ने यह भी कहा कि पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आय का महत्वपूर्ण साधन है। बढ़ती लागत के कारण यदि पशुपालक इस व्यवसाय से दूर होते हैं तो इसका असर दूध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
मलारना डूंगर में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब पशुपालकों की मांगों पर प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी। पशुपालक दूध के उचित दाम और बढ़ती लागत से राहत की मांग को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।
