Aapka Rajasthan

अतिक्रमण कार्रवाई से नाराज दो युवक 9 घंटे तक पानी की टंकी पर चढ़े रहे

 
अतिक्रमण कार्रवाई से नाराज दो युवक 9 घंटे तक पानी की टंकी पर चढ़े रहे

सवाई माधोपुर के बौली थाना क्षेत्र के कोड्याई गांव में आज दो युवकों ने अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई से नाराज होकर पानी की टंकी पर चढ़कर धरना दे दिया। यह युवक करीब 9 घंटे तक टंकी पर बने रहे, जिससे स्थानीय लोगों में हलचल मच गई।

जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने गांव में अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की थी। इसी कार्रवाई के दौरान दो युवक नाराज हो गए और विरोध जताने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ गए। उनकी इस हरकत से इलाके में एक अलग तरह की स्थिति उत्पन्न हो गई और प्रशासन की टीम तथा ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।

घटना स्थल पर पहुँचकर स्थानीय पुलिस ने मामले को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन युवक टंकी से उतरने के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद बामनवास विधायक इंदिरा मीणा मौके पर पहुँचीं और उन्होंने युवकों को समझाकर नीचे उतरने के लिए कहा। विधायक के समझाने पर युवक आखिरकार टंकी से नीचे उतरे और स्थिति को नियंत्रित किया गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि टंकी पर चढ़े युवकों के कारण आसपास का क्षेत्र कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। ग्रामीणों और दुकानदारों ने प्रशासन से अपील की कि ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए पहले चेतावनी और संवाद का प्रयास किया जाए, ताकि तनाव की स्थिति न बने।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कानून के अनुसार और व्यवस्थित तरीके से की जा रही थी। उन्होंने कहा कि युवक टंकी पर चढ़ने की घटना से सबक लें और भविष्य में ऐसी हरकत न करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि अतिक्रमण और जमीन विवाद जैसी घटनाओं में संवाद और समझौता ही सबसे सुरक्षित तरीका है। प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों का समय पर हस्तक्षेप तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने में मदद करता है।

विधायक इंदिरा मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैंने युवकों से कहा कि टंकी पर चढ़कर विरोध करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। कानून और प्रशासन के दायरे में रहकर ही मुद्दों को सुलझाया जा सकता है।”

इस घटना के बाद प्रशासन ने आसपास के इलाकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे किसी भी विवाद या अतिक्रमण से जुड़ी जानकारी प्रशासन को समय पर दें।

इस तरह की घटनाओं से यह संदेश मिलता है कि अतिक्रमण और स्थानीय विवादों में शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से संवाद करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। बामनवास विधायक और प्रशासन की तत्परता से स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया गया, जिससे किसी बड़े हादसे या तनावपूर्ण स्थिति से बचा जा सका।