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सवाई माधोपुर में वन्यजीवों के हमले में 66 भेड़-बकरियों की मौत, बालेर-करणपुर मार्ग पर मची सनसनी

 
सवाई माधोपुर में वन्यजीवों के हमले में 66 भेड़-बकरियों की मौत, बालेर-करणपुर मार्ग पर मची सनसनी

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के बालेर-करणपुर सड़क मार्ग पर सोमवार सुबह एक भयावह घटना सामने आई। झोपड़ी बस स्टैंड के पास एक बाड़े में रखी 66 भेड़-बकरियों की वन्यजीवों के हमले में मौत हो गई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बाड़े में रखी भेड़-बकरियां अचानक कुछ वन्यजीवों के हमले का शिकार हो गईं। हमला इतना हिंसक था कि अधिकांश पशु मौके पर ही मर गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पशुपालक और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शवों को बाड़े से बाहर निकाला।

सवाई माधोपुर जिला प्रशासन और वन विभाग को घटना की सूचना दी गई। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है और आसपास के क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों की समीक्षा कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह हमला संभवतः भूख या क्षेत्रीय अतिक्रमण के कारण हुआ होगा।

स्थानीय पशुपालकों ने वन विभाग और प्रशासन से सुरक्षा के उचित उपाय करने की मांग की है। उनका कहना है कि अक्सर बाड़ों और खेतों में घुसने वाले वन्यजीवों से पशुओं की सुरक्षा का इंतजाम होना चाहिए।

वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि सवाई माधोपुर के आसपास के जंगलों में जंगली जानवरों की संख्या अधिक है और कई बार वे गांवों की ओर चले आते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि पशुओं के बाड़ों को मजबूत और सुरक्षित बनाना आवश्यक है और आवश्यक होने पर चौकसी के लिए अलार्म सिस्टम या गार्ड रखे जा सकते हैं।

घटना से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी हुआ है। मृत भेड़-बकरियों के मूल्य और स्थानीय किसानों के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी और सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ किया जाएगा।

यह घटना सवाई माधोपुर में वन्यजीव और मानव-पशु सहअस्तित्व के मुद्दे को फिर से उजागर करती है। वन विभाग और प्रशासन अब क्षेत्र में अतिरिक्त चौकसी, बाड़ों की सुरक्षा और वन्यजीवों के विस्थापन पर ध्यान देने की योजना बना रहे हैं।