रोगी वाहनों की कमी के बीच 8 साल से कबाड़ पड़े दो 108 एंबुलेंस
राजसमंद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में जहां पहले से ही रोगी वाहनों (108 एंबुलेंस) की कमी बताई जा रही है, वहीं दो एंबुलेंस पिछले करीब 8 साल से कबाड़ की हालत में खड़ी हैं, जिनका अब तक निस्तारण नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार, ये दोनों एंबुलेंस लंबे समय से उपयोग में नहीं हैं और खराब हालत में पड़े होने के कारण सिर्फ जगह घेर रही हैं। बावजूद इसके, इन्हें हटाने या नीलामी जैसी प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं की गई है।
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि एक ओर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में एंबुलेंस की कमी के कारण मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पाती, वहीं दूसरी ओर उपयोग में नहीं आ रही एंबुलेंस का निस्तारण न होना व्यवस्था की लापरवाही को दर्शाता है।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कई बार इन वाहनों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू करने की बात हुई, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से यह आगे नहीं बढ़ पाई।
राजसमंद में ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए 108 एंबुलेंस सेवा जीवन रेखा मानी जाती है, लेकिन सीमित वाहनों के कारण कई बार आपात स्थिति में देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन पुराने वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और जरूरत के अनुसार नई एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और वे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग कर रहे हैं।
