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कुंवारिया में बाल विवाह रोकथाम को लेकर बैठक, पुलिस ने आमजन से मांगा सहयोग

 
कुंवारिया में बाल विवाह रोकथाम को लेकर बैठक, पुलिस ने आमजन से मांगा सहयोग

राजस्थान के कुंवारिया थाना क्षेत्र में बाल विवाह पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मंगलवार देर शाम एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कुंवारिया पुलिस चौकी परिसर में थाना अधिकारी सीआई रामचंद्र कुमावत के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें सीएलजी (कम्युनिटी लायजन ग्रुप) के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को पूरी तरह समाप्त करना और आमजन को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर असर पड़ता है।

सीआई रामचंद्र कुमावत ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाले किसी भी बाल विवाह की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मुद्दे पर पूरी तरह गंभीर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि सामाजिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाकर ही इस कुरीति को खत्म किया जा सकता है। सीएलजी सदस्यों और ग्रामीणों ने भी इस अभियान में सहयोग देने का भरोसा दिलाया और बाल विवाह रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने की बात कही।

पुलिस ने लोगों को बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें शामिल लोगों पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में गोपनीय रूप से सूचना देने वालों की पहचान सुरक्षित रखी जाएगी।

इस पहल को क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयास से ही इस तरह की कुरीतियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

फिलहाल, कुंवारिया क्षेत्र में इस बैठक के बाद बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है और प्रशासन द्वारा आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।