राजसमंद में मौसम का कहर, तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
Rajsamand जिले में बीती रात मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे कई क्षेत्रों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी। सनवाड़ सहित आसपास के कई इलाकों में हुई इस बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।
रात के समय शुरू हुई तेज बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया, जिससे पहले से कटी हुई फसल भीगकर खराब होने की स्थिति में पहुंच गई। वहीं खड़ी फसलें तेज हवा और ओलों की मार से जमीन पर गिर गईं। किसानों के अनुसार ओले चने के आकार के थे, जिन्होंने खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया।
किसानों का कहना है कि इस अचानक बदले मौसम ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। गेहूं के साथ-साथ चने और अन्य रबी फसलों को भी आंशिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। कई खेतों में फसल पूरी तरह बिछ जाने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बारिश इतनी तेज थी कि कुछ ही घंटों में खेतों में पानी भर गया और निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। इसके चलते हालात और गंभीर हो गए।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुआ है, जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में अस्थिर मौसम बना हुआ है। आने वाले दिनों में भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।
प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है। वहीं किसानों ने सरकार से जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
इस घटना ने एक बार फिर किसानों को मौसम की अनिश्चितता के प्रति सतर्क रहने की चुनौती दी है और फसल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
