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Rajsamand में गायों को बचाया जाता है और एम्बुलेंस द्वारा लाया जाता है

 
Rajsamand में गायों को बचाया जाता है और एम्बुलेंस द्वारा लाया जाता है

राजसमंद न्यूज़ डेस्क,  राजसमंद जैसे बीमार और दुर्घटनाओं में घायल इंसानों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाकर इलाज कराया जाता है, कुछ उसी तरह की व्यवस्था निरीह, बेसहारा गायों और बछड़ों के लिए की जा रही है। बागोल में गोवंश की सेवा के लिए एक दशक पहले शुरू की गई यह गोशाला ही अब गोवंश का चिकित्सालय बन गई है। यहां 24 घंटे अनवरत बीमार व दुर्घटनाओं में घायल गाय-बछड़ों का इलाज और सेवा की जा रही है।

खमनोर ब्लॉक की बागोल ग्राम पंचायत के कोटेला गांव में वर्ष 2014 से संचालित करधर गोसेवा संस्थान की गोशाला एवं चिकित्सालय में अब तक हजारों गायों और बछड़ों का जीवन बचाया जा चुका है। गोशाला एवं चिकित्सालय प्रबंधन से जुड़े गोसेवक पंकज पालीवाल ने बताया कि सड़क हादसे, दुर्घटना में घायल या बीमार गाय और बछड़े की सूचना मिलते ही लोकेशन पर तत्काल एंबुलेंस भेजी जाती है। प्राथमिक इलाज के लिए मेडिकल किट व दवाइयां लेकर मेडिकल और रेस्क्यू टीम भी रवाना होती है। मौके से गोवंश को एंबुलेंस में लिया जाता है और फिर गोशाला लाया जाता है। पालीवाल ने बताया कि गोवंश को रेस्क्यू कर लाने में संसाधन युक्त एंबुलेंस काफी मददगार साबित हो रही है।

गंभीर घायल व बीमार गोवंश को वातानुकूलित व बेहतर इलाज देने के लिए आईसीयू वार्ड बना रखा है। टीन शैड से एनक्लोजर बनाया है, जिसमें जूते-चप्पल ले जाने की भी मनाही है। आईसीयू में जम्बो कूलर व पंखे लगे हुए हैं। उपचार के उपकरण, दवाइयां आदि रखे हुए हैं। बीमारी के अनुसार दलिया, गुड़ राब, लापसी आदि आहार दिए जाते हैं। सामान्य बीमार गोवंशों को नियमित चारा-पानी दिया जाता है। गोवंश को आराम देने के लिए डाली गई बारीक रेत को गंदा होने पर बदला जाता है। प्रबंधन ने बताया कि एक समय में 60 गोवंश भर्ती व उपचाररत रह सकते हैं।