Aapka Rajasthan

राजसमंद में डिजिटल क्रांति के दावे पर सवाल, सरकारी पोर्टल की लापरवाही उजागर

 
राजसमंद में डिजिटल क्रांति के दावे पर सवाल, सरकारी पोर्टल की लापरवाही उजागर

राजसमंद जिले में डिजिटल गवर्नेंस को लेकर किए जा रहे सरकारी दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ अलग तस्वीर पेश कर रही है। कागजों में जहां सरकार डिजिटल क्रांति और पारदर्शिता की मिसाल पेश करने का दावा कर रही है, वहीं वास्तविकता में कई सरकारी पोर्टल और वेबसाइट्स अपनी उपयोगिता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

स्थिति ऐसी बनती जा रही है कि ये पोर्टल आम जनता के लिए सुविधा कम और भ्रम का कारण अधिक साबित हो रहे हैं। जिले के विभिन्न विभागों की आधिकारिक वेबसाइट्स की जांच में सामने आया है कि कई जगहों पर जानकारियां महीनों से अपडेट ही नहीं की गई हैं। इससे न केवल नागरिकों को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है, बल्कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, कई महत्वपूर्ण सेक्शन जैसे योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट, संपर्क जानकारी, और सार्वजनिक सूचनाएं लंबे समय से पुरानी स्थिति में ही पड़ी हैं। ऐसे में आमजन को सही और ताज़ा जानकारी प्राप्त करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भरता बढ़ने के इस दौर में यह स्थिति व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है।

स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि सरकारी पोर्टल्स को अपडेट रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि आज के समय में अधिकांश लोग जानकारी के लिए इन्हीं डिजिटल माध्यमों पर निर्भर हैं। यदि जानकारी ही पुरानी या अधूरी होगी तो डिजिटल क्रांति का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल गवर्नेंस केवल वेबसाइट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका नियमित रखरखाव और समय पर अपडेट भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बिना अपडेट के पोर्टल केवल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं, जिनका वास्तविक लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाता।

इस स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि संबंधित विभाग जल्द ही इन कमियों को दूर कर पोर्टल्स को नियमित रूप से अपडेट करने की दिशा में कदम उठाएंगे, ताकि डिजिटल सेवाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंच सके।

फिलहाल राजसमंद में डिजिटल व्यवस्था की यह स्थिति प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है, जहां तकनीक तो मौजूद है, लेकिन उसका सही और प्रभावी उपयोग अभी भी चुनौती बना हुआ है।