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राजस्थान में उग रहा ‘अमेरिकन केसर’, फूड इंडस्ट्री में बढ़ी मांग

 
राजस्थान में उग रहा ‘अमेरिकन केसर’, फूड इंडस्ट्री में बढ़ी मांग

राजस्थान में केसर की खेती सुनने में भले ही चौंकाने वाली लगे, लेकिन अब यह हकीकत बनती जा रही है। हालांकि यह कश्मीर की वादियों में उगने वाला पारंपरिक केसर नहीं है, बल्कि ‘अमेरिकन केसर’ है, जिसे वैज्ञानिक रूप से सैफ्लॉवर (कुसुम) कहा जाता है।

यह अमेरिकन केसर मुख्य रूप से फूड आइटम्स में नेचुरल कलरिंग एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। मिठाइयों, नमकीन, बेकरी प्रोडक्ट्स और कुछ पेय पदार्थों में इसे प्राकृतिक रंग देने के लिए उपयोग किया जाता है। बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है क्योंकि लोग अब आर्टिफिशियल कलर की बजाय नेचुरल विकल्प पसंद कर रहे हैं।

राजस्थान की जलवायु और मिट्टी इस फसल के लिए अनुकूल साबित हो रही है। कम पानी में तैयार होने वाली यह फसल किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकन केसर की खेती से किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है, क्योंकि इसकी पैदावार लागत अपेक्षाकृत कम और बाजार मूल्य बेहतर है।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसानों को सही मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराया जाए तो यह फसल प्रदेश में एक वैकल्पिक नकदी फसल के रूप में स्थापित हो सकती है। बदलते दौर में खेती के नए प्रयोग राजस्थान के किसानों के लिए आय बढ़ाने का नया रास्ता खोल रहे हैं।