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हाईकोर्ट के आदेशों के बाद हरकत में प्रशासन, हल्दीघाटी और रक्त तलाई के संरक्षण को लेकर किया निरीक्षण

 
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद हरकत में प्रशासन, हल्दीघाटी और रक्त तलाई के संरक्षण को लेकर किया निरीक्षण

राजसमंद जिले के ऐतिहासिक धरोहर स्थल हल्दीघाटी और रक्त तलाई के संरक्षण को लेकर प्रशासन ने गुरुवार को अहम कदम उठाया। हाईकोर्ट के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने दोनों स्थलों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान संरक्षण, साफ-सफाई और मूल स्वरूप बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में इन ऐतिहासिक स्थलों की स्थिति और संरक्षण को लेकर मामला न्यायालय में पहुंचा था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। आदेशों की अनुपालना में जिला प्रशासन, पुरातत्व विभाग और संबंधित अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण कर मौके की वास्तविक स्थिति देखी।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थल पर साफ-सफाई, अतिक्रमण, सुरक्षा प्रबंध और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का आकलन किया। साथ ही जहां कमी पाई गई, वहां सुधार के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि इन स्थलों की ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए इनके संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हल्दीघाटी और रक्त तलाई मेवाड़ के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण स्थल हैं, जहां महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच ऐतिहासिक युद्ध हुआ था। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक और इतिहास प्रेमी यहां पहुंचते हैं। ऐसे में इन स्थानों का संरक्षण और विकास बेहद जरूरी माना जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। आवश्यकतानुसार मरम्मत, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित रह सके।

स्थानीय लोगों और इतिहास प्रेमियों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे इन स्थलों की गरिमा बनी रहेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। फिलहाल प्रशासन आगे की कार्ययोजना तैयार करने में जुटा है।