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चारभुजा नाथ मंदिर में 16 दिवसीय फागोत्सव का भव्य समापन, भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु

 
चारभुजा नाथ मंदिर में 16 दिवसीय फागोत्सव का भव्य समापन, भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु

मेवाड़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चारभुजा नाथ मंदिर में आयोजित 16 दिवसीय फागोत्सव का समापन भक्तिभाव, उल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ हुआ। फागोत्सव के अंतिम दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां भक्तों ने ठाकुरजी के संग रंगों की होली खेलते हुए भक्ति में सराबोर वातावरण का अनुभव किया।

फागोत्सव के समापन अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक रोशनी और पारंपरिक सजावट से सुसज्जित मंदिर परिसर में चारों ओर उत्सव का माहौल नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने लगी, जो दिनभर जारी रही।

अंतिम दिन विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। पुजारियों द्वारा विधिवत पूजा कर ठाकुरजी का श्रृंगार किया गया, जिसके बाद भक्तों के लिए दर्शन खोले गए। इस दौरान भजन-कीर्तन और फाग गीतों की मधुर स्वर लहरियों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।

फागोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक तरीके से ठाकुरजी के साथ रंगों की होली खेली। गुलाल और फूलों की वर्षा के बीच भक्तों ने नाचते-गाते हुए अपनी आस्था और श्रद्धा का इजहार किया। मंदिर परिसर में “रंग बरसे” और फाग गीतों की गूंज सुनाई देती रही, जिससे पूरा वातावरण आनंद और उत्साह से भर गया।

इस दौरान प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं।

मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि फागोत्सव हर वर्ष बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और इसमें दूर-दराज से श्रद्धालु भाग लेते हैं। यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मेवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को भी दर्शाता है।

फागोत्सव के सफल आयोजन के बाद श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि चारभुजा नाथ मंदिर आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक विरासत का एक प्रमुख केंद्र है।