चारभुजानाथ मंदिर में 16 दिवसीय फागोत्सव का शुभारंभ, झूला दर्शन से गूंजा धाम
मेवाड़ अंचल के प्रसिद्ध धाम चारभुजानाथ मंदिर में आज से 16 दिवसीय फागोत्सव की विधिवत शुरुआत हो गई। सुबह ठीक 6 बजे मंगला आरती के बाद ठाकुरजी को झूले में विराजित कर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। झूला दर्शन के साथ ही मंदिर परिसर भक्तिरस और उत्साह से सराबोर हो उठा।
सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे थे। जैसे ही कपाट खुले, भक्तों ने ठाकुरजी की अलौकिक झांकी के दर्शन किए। रंग-बिरंगी सजावट, पुष्प श्रृंगार और विशेष वेशभूषा में सजे भगवान के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। मंदिर परिसर में ढोल-मंजीरों और भजनों की मधुर धुन गूंजती रही।
16 दिनों तक रंग-भक्ति का संगम
फागोत्सव के दौरान आगामी 16 दिनों तक प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, श्रृंगार और सांस्कृतिक आयोजन होंगे। मंदिर परिसर में गुलाल उड़ाई जाएगी और भक्त तथा भगवान के बीच रंग-भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। परंपरा के अनुसार ठाकुरजी को प्रतिदिन अलग-अलग आकर्षक वेशभूषा में सजाया जाएगा।
मंदिर प्रशासन के अनुसार फागोत्सव के दौरान सुबह और शाम विशेष झांकी सजाई जाएगी। संध्या आरती के बाद फाग गीतों और भजनों का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों और भजन मंडलियों की प्रस्तुति रहेगी। श्रद्धालु भी रंग और गुलाल अर्पित कर अपनी आस्था प्रकट करेंगे।
दूर-दराज से पहुंच रहे श्रद्धालु
फागोत्सव में भाग लेने के लिए मेवाड़ सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से भक्त पहुंच रहे हैं। कई परिवार इस पर्व को हर वर्ष पारंपरिक रूप से मनाते हैं और 16 दिन तक नियमित दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
