प्रतापगढ़ में खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान तेज, 4.85 लाख पशुओं को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य
जिले में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसे संक्रामक रोगों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। मानसून से पहले शुरू किया गया यह विशेष अभियान 15 मई तक जारी रहेगा, जिसमें जिलेभर के पशुधन को सुरक्षा कवच प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
पशुपालन विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में कुल 4 लाख 85 हजार 500 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें गोवंश और भैंसवंश दोनों शामिल हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के बीच फैलने वाली इस गंभीर बीमारी को समय रहते रोका जा सके।
विभागीय जानकारी के मुताबिक अब तक जिले में एक लाख 20 हजार से अधिक पशुओं को एफएमडी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। शेष लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए टीकाकरण टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और गांव-गांव जाकर अभियान को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो पशुओं की उत्पादकता को प्रभावित करने के साथ-साथ पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी पहुंचाती है। ऐसे में समय पर टीकाकरण ही इसका सबसे प्रभावी उपाय है।
अभियान के तहत पशु चिकित्सा टीमें ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। साथ ही पशुपालकों को जागरूक भी किया जा रहा है कि वे अपने पशुओं को समय पर टीका लगवाएं और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
स्थानीय पशुपालकों ने भी इस अभियान का स्वागत किया है और इसे पशुधन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि समय पर टीकाकरण से पशुओं की सेहत बेहतर रहती है और उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
फिलहाल, विभाग का लक्ष्य है कि तय समय सीमा में सभी पशुओं का टीकाकरण पूरा कर जिले को एफएमडी मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।
