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Pali कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई गई, वातावरण में गूंजे जयकारे

 
Pali कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई गई, वातावरण में गूंजे जयकारे

पाली न्यूज़ डेस्क, अन्तर्राष्ट्रीय रामस्नेही सप्रदाय के संत भगतरामजी महाराज शास्त्री जैतारण ने रत्नेश्वर महादेव मन्दिर प्रांगण में आयोजित चातुर्मास सत्संग प्रवचन में श्री कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही पूरा कारागाह जगमगाने लगा। भगवान ने शंख, चक्र, गदा व पदम से युक्त अलौकिक दर्शन वासुदेव व माता देवकी को दिए। तब वासुदेव व देवकी ने भगवान कृष्ण की स्तुति की और पुन: बाल रूप धारण करने का आग्रह किया। भगवान की कृपा से कारागाह में वासुदेव की बेड़िया खुल गई। कारागाह के ताले खुल गए और सभी सैनिक योग निंद्रा में सो गये। तब वासुदेव ने बाल कृष्ण को एक बांस की टोकरी में लेटाकर यमुनाजी को पार करवाया और गोकुल में नन्द बाबा के यहां जाकर कृष्ण को जसौदा मैया के पास लेटाकर जसोदा मैया के गर्भ से प्रकट हुई योगमाया को लेकर पुन: मथुरा कंस की कारागाह में आ गए।

जसोदा के कृष्ण के जन्म की बात सुन कर पूरे नन्द गांव ने उत्सव मनाया। इस दौरान जयकारे गूंज उठे। चातुर्मास लाभार्थी लक्ष्मीनारायण-प्रेमलता, हरीश, सन्दीप मानधना है। सत्संग समिति के प्रवक्ता अबालाल सोलंकी ने बताया कि इस दौरान श्री सत्संग सेवा समिति के सुरेश झंवर, गिरीराज राठी, पुखराज राठी, बसन्त सोनी, जयनारायण राठी, दामोदर शर्मा, डालुराम जाट, केवलराम जाट, राजेन्द्र खेतावत, नरेन्द्रसिंह शेखावत, रीड़मलसिंह राजपुरोहित, मिश्रीलाल शर्मा, खीमाराम चैधरी, मनोहर सोनी, खींवसिंह आर.आई., वालाराम आदि मौजूद रहे।