पाली की रजत विहार कॉलोनी में हर मानसून में जलभराव से लोग परेशान, प्रशासन से बार-बार की मिन्नतें भी नाकाम
राजस्थान के पाली जिले में बारिश का मौसम आते ही कुछ इलाकों में हर साल जलभराव और जलजमाव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। ऐसा ही हाल है रजत विहार कॉलोनी, नया गांव के निवासियों का। कॉलोनी के लोग हर मानसून में बुरी तरह प्रभावित होते हैं और पानी के भराव से परेशान होकर बार-बार प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हैं।
स्थानीय निवासी कहते हैं, “सच तो यह है कि हमने हार मान ली है। सोच लिया है कि हर मानसून में ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ेगा। पाली में रहते हुए यह दर्द झेलना ही पड़ता है।” वे बताते हैं कि बारिश के दौरान कॉलोनी की गलियों और सड़कों में पानी जम जाता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है और घरों में भी पानी घुस जाता है।
कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गईं और समाधान की मिन्नतें भी की गईं, लेकिन हर साल स्थिति जस की तस बनी रहती है। उन्होंने बताया कि पानी के जमाव से न केवल दैनिक जीवन प्रभावित होता है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा होती हैं। लंबे समय तक पानी जमा रहने से कीड़े-मकौड़े फैल जाते हैं और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि जलभराव के कारण बच्चों और बुजुर्गों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। वाहन चलाना और पैदल चलना दोनों ही कठिन हो जाते हैं। कई बार छोटे वाहन पानी में फंस जाते हैं और लोग खतरे में पड़ जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पाली जैसे शहरों में जलनिकासी और सड़क व्यवस्था की उचित योजना न होने से इस तरह की समस्याएं हर मानसून में सामने आती हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि ड्रेनेज सिस्टम का सुधार, सड़कों की मरम्मत और बारिश के पानी के लिए स्थायी उपाय तुरंत लागू किए जाएं।
स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक आधिकारिक रूप से कोई ठोस समाधान नहीं आया है। कॉलोनी निवासियों का कहना है कि प्रशासन हर साल आश्वासन देता है, लेकिन मानसून आते ही समस्या दोबारा उभर आती है। लोगों का यह भी कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से प्रशासन से फिर से शिकायत करेंगे और आंदोलन की तैयारी कर सकते हैं।
