पाली में मेडिकल स्टोर पर औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई, एनडीपीएस व शेड्यूल H-1 की दवाएं जब्त; स्टॉक किया सील
राजस्थान के पाली शहर में औषधि नियंत्रण विभाग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सोसायटी नगर स्थित आयुष मेडिकल एंड जनरल स्टोर पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मेडिकल स्टोर पर एनडीपीएस (NDPS) और शेड्यूल H-1 श्रेणी की दवाओं का अवैध भंडारण पाए जाने पर विभाग ने करीब 10 हजार रुपए कीमत की दवाएं जब्त कर स्टॉक को सील कर दिया। मामले में आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने नियमित अभियान के तहत मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दवाओं के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। इसी दौरान टीम को एनडीपीएस और शेड्यूल H-1 श्रेणी की कुछ दवाएं नियमों के अनुरूप दर्ज नहीं मिलीं और उनके भंडारण में अनियमितताएं पाई गईं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दवाओं के रखरखाव और रिकॉर्ड संधारण में नियमों का पालन नहीं पाया गया। इसके बाद संबंधित दवाओं को जब्त कर स्टॉक को सील कर दिया गया। जब्त की गई दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 10 हजार रुपए बताई जा रही है।
औषधि नियंत्रण विभाग ने बताया कि एनडीपीएस और शेड्यूल H-1 श्रेणी की दवाओं की बिक्री, भंडारण और वितरण के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इन दवाओं का गलत उपयोग रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाती है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है।
अधिकारियों ने कहा कि मामले में मेडिकल स्टोर संचालक से आवश्यक दस्तावेज और स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी प्रकार का गंभीर उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
औषधि नियंत्रण विभाग ने स्पष्ट किया कि जिलेभर में मेडिकल स्टोरों पर नियमित निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। इसका उद्देश्य प्रतिबंधित और नियंत्रित दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाना तथा मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस कार्रवाई के बाद शहर के मेडिकल कारोबारियों में भी हलचल है। विभाग ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाओं के भंडारण, बिक्री और रिकॉर्ड संधारण से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी है। फिलहाल जब्त दवाओं और संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है तथा रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
