Aapka Rajasthan

पाली में दोस्ती की मिसाल, एक ही दिन दुनिया से विदा हुए दो बुजुर्ग मित्र

 
पाली में दोस्ती की मिसाल, एक ही दिन दुनिया से विदा हुए दो बुजुर्ग मित्र

पाली जिले के भंदर गांव में सच्ची दोस्ती की एक बेहद मार्मिक और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। यहां 68 वर्षीय धनराज त्रिवेदी और 74 वर्षीय देवराज दवे (देवजी बा) की वर्षों पुरानी गहरी मित्रता ने एक ऐसी मिसाल पेश की, जो लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बस गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, दोनों मित्रों का रिश्ता केवल दोस्ती तक सीमित नहीं था, बल्कि वे एक-दूसरे के परिवार जैसे थे। सुख-दुख, त्यौहारों और हर छोटे-बड़े अवसर पर दोनों हमेशा साथ नजर आते थे। गांव में लोग उनकी जोड़ी को आदर्श मित्रता का उदाहरण मानते थे।

जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने वाले इन दोनों मित्रों के साथ ऐसा संयोग जुड़ा कि उन्होंने एक ही दिन इस दुनिया को अलविदा कह दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और लोग भावुक हो उठे। ग्रामीणों का कहना है कि यह दृश्य अपने आप में बेहद दुर्लभ और हृदयस्पर्शी है, जहां दो गहरे मित्रों का जीवन सफर भी लगभग एक साथ समाप्त हो गया।

परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, दोनों बुजुर्ग लंबे समय से एक-दूसरे के बेहद करीब थे और अक्सर साथ ही समय बिताते थे। उनकी मित्रता में कभी कोई खटास नहीं आई और वे एक-दूसरे के सुख-दुख के सच्चे साथी बने रहे।

गांव में दोनों के निधन के बाद अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने नम आंखों से दोनों को विदाई दी और उनकी मित्रता को याद करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसी सच्ची दोस्ती दुर्लभ है।

ग्रामीणों ने बताया कि धनराज त्रिवेदी और देवराज दवे की दोस्ती आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है, जो यह सिखाती है कि रिश्ते केवल खून के ही नहीं होते, बल्कि सच्चे दिलों के जुड़ाव से भी मजबूत बनते हैं।

इस घटना ने पूरे क्षेत्र में भावनात्मक माहौल पैदा कर दिया है और लोग दोनों मित्रों की यादों को साझा करते हुए उनकी दोस्ती को सलाम कर रहे हैं।