जैतारण में अनोखी मिसाल, फेरे लेने के बाद दुल्हन पहुंची परीक्षा देने
राजकीय महाविद्यालय जैतारण में बुधवार को एक अनोखा और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने शिक्षा के प्रति समर्पण की मिसाल पेश की। यहां एक नवविवाहिता दुल्हन विवाह की रस्में पूरी करने के तुरंत बाद परीक्षा देने के लिए कॉलेज पहुंची।
महाविद्यालय के प्राचार्य राकेश वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि निमाज निवासी ममता कुमावत, जो धर्माराम कुमावत की पुत्री हैं, का विवाह मंगलवार सुबह लगभग सवा ग्यारह बजे संपन्न हुआ। विवाह की सभी रस्में निभाने के बावजूद ममता ने अपनी पढ़ाई और परीक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसी दिन निर्धारित परीक्षा में शामिल होने का निर्णय लिया।
जानकारी के अनुसार, विवाह समारोह के बाद परिवार के सहयोग से ममता सीधे परीक्षा केंद्र पहुंचीं। दुल्हन के वेश में परीक्षा देने पहुंची छात्रा को देखकर वहां मौजूद अन्य परीक्षार्थी और स्टाफ भी कुछ क्षण के लिए आश्चर्यचकित रह गए। हालांकि, बाद में सभी ने उनके इस समर्पण और लगन की सराहना की।
महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि परीक्षा केंद्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं नियमों के अनुसार की गई थीं और छात्रा को परीक्षा देने की अनुमति दी गई। ममता का यह कदम शिक्षा के प्रति उनकी गंभीरता और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
इस घटना की चर्चा न केवल कॉलेज परिसर में बल्कि पूरे क्षेत्र में तेजी से फैल गई है। स्थानीय लोगों और शिक्षाविदों ने इसे एक प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए कहा कि आधुनिक समय में भी यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो व्यक्ति अपने व्यक्तिगत और शैक्षणिक दायित्वों को संतुलित कर सकता है।
ममता कुमावत की इस पहल को कई लोगों ने बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक संदेश बताया है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ने से परंपराओं और जिम्मेदारियों के बीच भी संतुलन बनाया जा सकता है।
