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युवाओं में बीटीएस को लेकर क्यों है इतना क्रेज? जानें कैसे शुरू हुआ इनका सफर

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के सुपरहिट के-पॉप म्यूजिक बैंड बीटीएस की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। दुनियाभर के युवाओं में बीटीएस म्यूजिक समूह के उन सात लड़कों को लेकर एक अलग ही क्रेज है। आज की युवा पीढ़ी बीटीएस का नाम सुनते ही उत्साहित हो जाती है। आइए जानते हैं कि आखिर बीटीएस को लेकर युवाओं में इतना उत्साह क्यों है।
 
युवाओं में बीटीएस को लेकर क्यों है इतना क्रेज? जानें कैसे शुरू हुआ इनका सफर

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के सुपरहिट के-पॉप म्यूजिक बैंड बीटीएस की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। दुनियाभर के युवाओं में बीटीएस म्यूजिक समूह के उन सात लड़कों को लेकर एक अलग ही क्रेज है। आज की युवा पीढ़ी बीटीएस का नाम सुनते ही उत्साहित हो जाती है। आइए जानते हैं कि आखिर बीटीएस को लेकर युवाओं में इतना उत्साह क्यों है।

बीटीएस की शुरुआत 2010 में बिगहिट एंटरटेनमेंट नाम की कंपनी से हुई, जो अब हाइब (एचवाईबीई) के नाम से जानी जाती है। हाइब के सीईओ बांग सी-ह्युक ने अंडरग्राउंड रैपर आरएम को सुना और एक हिप-हॉप ग्रुप बनाने का फैसला किया। धीरे-धीरे अन्य सदस्यों को ऑडिशन और स्ट्रीट कास्टिंग के माध्यम से जोड़ा गया। इस समूह में कुल सात लोग हैं।

सात लड़कों के इस समूह में लीडर और रैपर किम नाम-जून (आरएम), वोकेलिस्ट किम सोक-जिन (जिन), रैपर मिन यून-गी (सूगा), डांसर और रैपर जंग हो-सोक (जेहोप), डांसर और वोकेलिस्ट पार्क जी-मिन (जिमिन), वोकेलिस्ट किम टै-ह्युं (वी), और मेन वोकेलिस्ट और डांसर जियोंन जंग-कुक (जंगकुक) शामिल हैं।

शुरुआत में कंपनी के पास कम पैसे होने की वजह से एक छोटे से कमरे में काफी परेशानियों के साथ रहना पड़ता था। हालात ऐसे थे कि अगर उनके पास खाने के पैसे होते थे, तो बस का किराया नहीं होता था।

बीटीएस ने 13 जून 2013 को अपना पहला गाना 'नो मोर ड्रीम' और एल्बम '2 कूल 4 स्कूल' के साथ डेब्यू किया। शुरुआत में उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी। लोगों ने उनके नाम और हिप-हॉप स्टाइल का मजाक उड़ाया। पैसों की कमी की वजह से 2014 में इस समूह के अलग-थलग पड़ने की नौबत भी आ गई।

हालांकि, इस मुश्किल दौर में भी कंपनी और सभी सदस्यों ने हिम्मत नहीं हारी और आज दुनिया के लगभग सभी देशों में बीटीएस को पसंद किया जाता है और उनके गाने सुने जाते हैं। बीते चार सालों से सभी सदस्य दक्षिण कोरिया की जरूरी मिलिट्री सेवा में गए थे। 21 मार्च 2026 को बीटीएस ने नेटफ्लिक्स पर लाइव स्ट्रीमिंग के साथ 'बीटीएस द कमबैक लाइव : अरिरंग' कार्यक्रम में अपने धमाकेदार प्रदर्शन के साथ वापसी की।

बीटीएस को लेकर इस तरह की फैन फॉलोइंग के पीछे की बड़ी वजह उनके चाहने वालों के साथ उनका जुड़ाव है। बीटीएस के गाने सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं हैं, उनके गीतों में जीवन की परेशानियों और उनसे निकलने का जिक्र होता है।

आज के दौर में अक्सर लोग मानसिक तनाव, मोटापा, भावनात्मक पीड़ा जैसे अलग-अलग तरह के दुखों का सामना कर रहे होते हैं। ऐसे में बीटीएस के गानों में मानसिक और सामाजिक मुद्दों का जिक्र होता है, वो अपनी कला के जरिए लोगों को आगे बढ़ने, अपनी लड़ाई लड़ने और उसे जीतने के लिए प्रेरित करते हैं।

बीटीएस के गानों के बोल अक्सर युवाओं की भावनाओं, जैसे कि मानसिक स्वास्थ्य, अकेलेपन, आत्म-प्रेम और स्कूल-कॉलेज के तनाव पर आधारित होते हैं। 'लव योरसेल्फ' जैसे उनके एल्बम सीरीज ने प्रशंसकों को खुद को स्वीकार करने और प्यार करने के लिए प्रेरित किया है।

बीटीएस के फैन्स और उनके चाहने वालों को आर्मी कहा जाता है। यह बैंड फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपने प्रशंसकों से सीधे जुड़ा रहता है। बीटीएस अपने डांस मूव्स, ऊर्जावान प्रदर्शन और बेहतरीन विजुअल एस्थेटिक्स के लिए जाना जाता है। उनके म्यूजिक वीडियो में उपयोग किए गए रंग और फैशन (जैसे रंगीन बाल और स्टाइलिश कॉस्ट्यूम) युवाओं को बहुत आकर्षित करते हैं।

इस समूह की एक और सबसे खास बात है कि यह लैंगिक रुढ़ियों को चुनौती देने के लिए भी जाना जाता है।

--आईएएनएस

केके/एबीएम