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युवाओं को गुमराह कर रहे हैं राहुल गांधी, सरकार हर सवाल पर चर्चा को तैयार : श्याम रजक

पटना, 22 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं जबकि केंद्र सरकार नीट समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा और कार्रवाई के लिए तैयार है।
 

पटना, 22 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं जबकि केंद्र सरकार नीट समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा और कार्रवाई के लिए तैयार है।

श्याम रजक ने कहा कि भारत के युवाओं को अपने पूर्वजों से संस्कार, संयम और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की सीख मिली है। उनके अनुसार, भारतीय युवा यदि आंदोलन भी करते हैं तो मर्यादा और अनुशासन के साथ करते हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल में जो घटनाएं हुईं, उनकी तुलना भारत से नहीं की जा सकती और ऐसी परिस्थितियां यहां उत्पन्न होने की संभावना नहीं है।

उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरू से ही संवेदनशील रहे हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का रुख पूरी तरह साफ है और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए श्याम रजक ने कहा कि कांग्रेस नेता स्वयं भ्रम की स्थिति में हैं। सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने, विपक्ष के सवालों का जवाब देने और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी देने के लिए तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष सदन में बहस करने के बजाय सड़क पर प्रदर्शन कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, तो संसद सबसे उपयुक्त मंच है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का उद्देश्य केवल मीडिया में बने रहना और राजनीतिक लाभ हासिल करना है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर श्याम रजक ने कहा कि केवल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा मंत्री किसी मामले में दोषी होते, कार्रवाई करने में विफल रहते या उनकी किसी प्रकार की संलिप्तता सामने आती, तब इस्तीफे की मांग का आधार बनता। वर्तमान में वह पूरे मामले की पारदर्शिता के साथ निगरानी कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो रही है। इसलिए इस्तीफे की मांग का कोई औचित्य नहीं है।

अग्निवीर योजना में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण बढ़ाने के फैसले पर उन्होंने सरकार के कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जब योजना शुरू हुई थी, तब भी युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देने का उद्देश्य था। अब यदि सरकार उनके प्रदर्शन और अनुभव को देखते हुए आरक्षण का दायरा बढ़ा रही है, तो यह सकारात्मक और स्वागतयोग्य निर्णय है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए श्याम रजक ने तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी यह संकेत देती है कि टीएमसी का भविष्य कमजोर हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा और पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब किसी राजनीतिक दल का भविष्य संकट में होता है तो उसके नेता और कार्यकर्ता दूसरे विकल्प तलाशने लगते हैं। उन्होंने टीएमसी की तुलना "डूबते जहाज" से करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति ऐसे जहाज में लंबे समय तक नहीं रहना चाहता।

--आईएएनएस

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