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योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: टेक्सटाइल पार्क, रोबोटिक्स और पशुधन मिशन को मंजूरी, 1 लाख रोजगार का लक्ष्य

लखनऊ, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, तकनीकी नवाचार, पशुपालन और सरकारी आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में योगी सरकार ने मंगलवार को कई अहम फैसले किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य पशुधन मिशन, ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क, लखनऊ-हरदोई सीमा पर पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन और प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 नए आवासों के निर्माण सहित विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
 

लखनऊ, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, तकनीकी नवाचार, पशुपालन और सरकारी आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में योगी सरकार ने मंगलवार को कई अहम फैसले किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य पशुधन मिशन, ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क, लखनऊ-हरदोई सीमा पर पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन और प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 नए आवासों के निर्माण सहित विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

सरकार का जोर पशुपालन के जरिए किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने, रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में स्वदेशी विनिर्माण को प्रोत्साहित करने तथा वस्त्र उद्योग में निवेश बढ़ाने पर है। टेक्सटाइल पार्क की अनुमानित लागत 1,947 करोड़ रुपये है, जबकि प्रगति रोबोटिक्स पार्क के पूर्ण विस्तार पर एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। कैबिनेट ने प्रदेश में पहली बार राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बनाना है।

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के अनुसार, मिशन के तहत लघु एवं सीमांत किसानों, पशुपालकों और उद्यमियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। मिशन में पांच उप-मिशन शामिल हैं। इनमें पशुधन उद्यमिता एवं स्टार्टअप विकास, पशुधन एवं कुक्कुट नस्ल विकास, नवाचार एवं डिजिटल पशुधन, चारा एवं पशु आहार विकास तथा अनुसंधान, वैश्वीकरण एवं ज्ञान प्रणाली का विकास शामिल है। इनके जरिए नस्ल सुधार, चारा उत्पादन, पशुधन उत्पादों के मूल्य संवर्धन, आपूर्ति श्रृंखला और बाजार तक पहुंच मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि साहीवाल, देसी और हरियाणवी जैसी उन्नत नस्लों के विकास के साथ पशुपालन में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना के तहत एक उन्नत गाय के लिए 40 हजार रुपये और दो गायों के लिए 80 हजार रुपये अनुदान का प्रावधान है। बकरी, भेड़, सूकर और मुर्गी पालन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जरूरतमंद परिवारों को सौ-सौ चूजे उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी बताई गई है। मिशन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल ट्रेसबिलिटी और जलवायु अनुकूल तकनीकों के इस्तेमाल से पशुधन उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने, प्रशिक्षण के जरिए कौशल विकास और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने की योजना है। चयनित परियोजनाओं को निर्धारित प्रक्रिया और स्वीकृति के बाद अनुदान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में दिया जाएगा। अवसंरचना और सेवाओं के विकास में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को भी बढ़ावा मिलेगा।

कैबिनेट ने भारत सरकार की पीएम मित्र योजना के तहत लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ भूमि में विकसित किए जा रहे पीएम मित्र मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र एवं परिधान पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन को भी मंजूरी दी। इसके लिए मैसर्स रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को प्रेफर्ड बिडर के रूप में चयनित किया गया है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान के अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत 1,947 करोड़ रुपये है। इसमें भारत सरकार की ओर से निर्धारित प्रावधानों के तहत 30 प्रतिशत तक, अधिकतम 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान है।

परियोजना के माध्यम से प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने के साथ लगभग एक लाख कुशल एवं अकुशल युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है। पार्क का विकास और संचालन केंद्र तथा राज्य सरकार के संयुक्त स्वामित्व वाली विशेष प्रयोजन कंपनी पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। राज्य सरकार ने परियोजना के लिए 1,000 एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर एक रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की टोकन दर से उपलब्ध कराई है। यह परियोजना डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण आधारित सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित होगी। इसके लिए पांच वर्ष की निर्माण अवधि सहित कुल 50 वर्ष की रियायत अवधि निर्धारित है।

पार्क में आंतरिक सड़कें, विद्युत वितरण नेटवर्क, तैयार फैक्ट्री शेड, इनक्यूबेशन सेंटर, कॉमन बॉयलर, गोदाम और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार बाहरी सड़क संपर्क, बिजली और जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। औद्योगिक अपशिष्ट जल के शोधन और पुनर्चक्रण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित साझा शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। श्रमिकों, विशेषकर महिला कामगारों के लिए सुरक्षित छात्रावास, आवासीय परिसर, स्वास्थ्य केंद्र और कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थान भी विकसित किए जाने की योजना है।

तकनीक आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क की स्थापना को मंजूरी दी है। इसका पूरा नाम प्लेटफॉर्म फॉर रोबोटिक्स एंड एआई ग्रोथ थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन है। लगभग 69.52 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाला यह पार्क रोबोटिक्स विनिर्माण, एआई आधारित तकनीक, अनुसंधान और स्टार्टअप गतिविधियों का केंद्र बनेगा। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, परियोजना के पूर्ण विस्तार पर एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सालाना लगभग 2,000 करोड़ रुपये का सकल मूल्यवर्धन होने का अनुमान है। पार्क को दो जोन में विकसित किया जाएगा।

पहले जोन के लिए आठ एकड़ भूमि निर्धारित की गई है। इसका विकास और संचालन विशेष प्रयोजन कंपनी के माध्यम से पीपीपी मॉडल पर होगा, जिसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 26 प्रतिशत और औद्योगिक साझीदार की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। दूसरे जोन के लिए 61.52 एकड़ भूमि रखी गई है, जहां निजी उद्यम अपने निवेश से औद्योगिक इकाइयां और संबंधित गतिविधियां विकसित करेंगे। इस दूसरे जोन के विकास के लिए राज्य सरकार पर कोई पूंजीगत दायित्व नहीं होगा। पहले जोन के विकास के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 21.1 करोड़ रुपये का इक्विटी अंशदान करेगा। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार 30 वर्ष के लिए 126.2 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराएगी।

औद्योगिक साझीदार का चयन गुणवत्ता आधारित प्रक्रिया से किया जाएगा। एसपीवी के पंजीकरण के बाद 36 महीने के भीतर पहले जोन का वाणिज्यिक संचालन शुरू करने का लक्ष्य है, जिसे जरूरत पड़ने पर अधिकतम 48 महीने तक बढ़ाया जा सकता है। पार्क में रोबोटिक्स परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग, एआई कंप्यूटिंग अवसंरचना, मोशन कैप्चर और डेटा प्रयोगशालाओं जैसी साझा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे स्टार्टअप और उद्यमियों को किफायती दरों पर उत्पाद परीक्षण, प्रोटोटाइप निर्माण और उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधाएं मिल सकेंगी।

इन फैसलों के जरिए राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आधुनिक तकनीक, औद्योगिक निवेश और बुनियादी सुविधाओं के विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है। टेक्सटाइल और रोबोटिक्स पार्क से रोजगार तथा निवेश बढ़ाने, जबकि राज्य पशुधन मिशन से किसानों और पशुपालकों की आय के नए अवसर विकसित करने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

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