यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसे पर विपक्ष का हमला, उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग
नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। चलती बस में अचानक आग लग गई, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना पर विपक्षी दलों ने दुख जताया है और सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह बहुत ही दुखद घटना है। हम पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। इसकी उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।"
कांग्रेस नेता आसिम वकार ने इस हादसे को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, "यह बहुत दुखद घटना है। यह बस में लगी आग नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की आग है, जिसमें लोग जलकर मर गए। इस मामले में योगी सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से जवाब तलब किया जाना चाहिए।"
उन्होंने मांग की कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी बसों की सूची बनाई जाए और मंत्री दयाशंकर सिंह आश्वासन दें कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी घटना पर दुख जताते हुए जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि घायलों का सही से इलाज होना चाहिए और सरकार को सुरक्षा ऑडिट को प्राथमिकता देनी चाहिए।
इस हादसे पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि पूरी घटना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने अपनों को खोया है। समाजवादी पार्टी उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करती है।
उन्होंने आगे कहा, "इन घटनाओं में सुरक्षा उपकरण पर्याप्त नजर नहीं आते। लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिलता। इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। बसों में केवल इमरजेंसी एग्जिट के अलावा भी कुछ और उपाय होने चाहिए, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। क्योंकि लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने चाहिए।"
--आईएएनएस
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