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'यह बस हालात के हिसाब से खेलने की बात थी', टेस्ट के पहले दिन शानदार बल्लेबाजी करने के बाद बोले रेनशॉ

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मैट रेनशॉ ने कहा कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ उनकी नाबाद पारी का सबसे बड़ा आधार मैच की परिस्थितियों को सही ढंग से समझना और सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना था। उन्होंने किंग्समीड में पहले टेस्ट के शुरुआती दिन टॉप-ऑर्डर के लड़खड़ाने के बाद टीम को संभालने में मदद की।
 

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मैट रेनशॉ ने कहा कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ उनकी नाबाद पारी का सबसे बड़ा आधार मैच की परिस्थितियों को सही ढंग से समझना और सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना था। उन्होंने किंग्समीड में पहले टेस्ट के शुरुआती दिन टॉप-ऑर्डर के लड़खड़ाने के बाद टीम को संभालने में मदद की।

रेनशॉ 46 रन पर नाबाद रहे और कप्तान पैट कमिंस (नाबाद 33 रन) के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलिया को पहले दिन का खेल खत्म होने तक 187 रनों तक पहुंचाने में सफल रहे। खराब रोशनी और बारिश के चलते टेस्ट के पहले दिन सिर्फ 65.2 ओवर का खेल ही हो सका। साउथ अफ्रीका ने मेहमान टीम का स्कोर 124/6 कर दिया था, जिसके बाद रेनशॉ ने कप्तान पैट कमिंस के साथ 63 रन की अटूट साझेदारी की।

'क्रिकइंफो' के अनुसार, रेनशॉ ने कहा, "यह बस हालात के हिसाब से खेलने की बात थी। मैं हमेशा स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ अच्छी सोच के साथ खेलने की बात करता हूं, और इससे मेरा शरीर वैसे ही हरकत करता है जैसा मैं चाहता हूं।" बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि वनडे क्रिकेट में मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने के अनुभव ने उन्हें टेस्ट टीम में इस भूमिका के लिए तैयार होने में मदद की, जिससे वे मैच के अलग-अलग हालात के हिसाब से खुद को ढाल सके।

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि वनडे में मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने से पता चलता है कि मैंने पहले भी ऐसा किया है और मैं काफी वर्सटाइल (हर तरह की स्थिति में खेलने वाला) हो सकता हूं। मुझे लगता है कि सोच बस यही थी कि वनडे के सफल दौरे के बाद मिडिल ऑर्डर में भी उसी तरह खेलना जारी रखा जाए।"

रेनशॉ ने यह भी बताया कि उन्होंने नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने की संभावना के लिए कैसे तैयारी की। इस पोजीशन पर खिलाड़ी को क्रीज पर मौका मिलने से पहले कई घंटे इंतजार करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि लंच ब्रेक के दौरान वे नेट्स पर गए और लगभग 20 गेंदों का सामना किया ताकि उनकी आंखें रोशनी के हिसाब से ढल जाएं और उनका शरीर बल्लेबाजी के लिए तैयार हो जाए।

रेनशॉ ने कहा, "मेरे लिए पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने में चुनौती यह होती है कि थोड़ी देर तक बैठे रहना पड़ता है और बल्लेबाजी नहीं करनी होती। इसी कारण लंच के समय मैं नेट्स पर गया और लगभग 20 गेंदों का सामना किया, क्योंकि मुझे पता था कि मुझे सीधे बल्लेबाजी के लिए जाना है।"

ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन ट्रेविस हेड और निक मैडिन्सन के जल्दी आउट होने के बाद मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ ने पारी को संभालने की कोशिश की। इसके बाद वियान मुल्डर और मार्को जानसेन ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मेहमान टीम को मुश्किल में डाल दिया। मुश्किल हालात में रेनशॉ और कमिंस ने धैर्य दिखाया और 140 गेंदों तक साथ बल्लेबाजी की।

--आईएएनएस

एसएम/एएस