डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स टेबल: ऑस्ट्रेलिया ने मजबूत की अपनी टॉप पोजीशन, हार के साथ साउथ अफ्रीका का हुआ भारी नुकसान
डरबन, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया ने डरबन के किंग्समीड मैदान पर हुए पहले टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका को 214 रनों से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) में पहले स्थान पर अपनी पोजीशन को और मजबूत कर लिया है। हार के साथ साउथ अफ्रीका की टीम दूसरे नंबर की पोजीशन गंवा बैठी है।
जोश हेजलवुड ने करियर का बेस्ट प्रदर्शन करते हुए दूसरी पारी में 49 रन देकर 6 विकेट लिए, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने पहले टेस्ट के पांचवें दिन साउथ अफ्रीका की पूरी टीम को 206 रनों पर समेटा। ऑस्ट्रेलिया की ओर से बल्लेबाजी में मैट रेनशॉ ने पहली पारी में 190 रनों की दमदार पारी खेली, जबकि दूसरी इनिंग में भी 82 रनों का योगदान दिया। इसके साथ ही उन्होंने गेंदबाजी में 2 विकेट भी चटकाए।
डरबन टेस्ट में मिली हार के साथ टेम्बा बावुमा का एक शानदार विश्व रिकॉर्ड भी टूट गया। बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने अब तक खेले 12 टेस्ट मैचों में से एक में भी हार का सामना नहीं किया था, जो एक विश्व रिकॉर्ड था। इस मैच के नतीजे से डब्ल्यूटीसी की प्वाइंट्स टेबल में भी बड़ा फेरबदल हुआ है। जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने नंबर एक की पोजीशन पर अपनी पकड़ को और भी मजबूत कर लिया है। वहीं, मौजूदा चैंपियन हार के साथ अब तीसरे पायदान पर खिसक गई है। न्यूजीलैंड डब्ल्यूटीसी टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है।
पहले टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलिया का 10 मैचों में जीत प्रतिशत 80 था, जबकि साउथ अफ्रीका का चार मैचों में जीत प्रतिशत 75 था। अब ऑस्ट्रेलिया का 11 मैचों में जीत प्रतिशत 81.82 हो गया है, जिसमें 9 जीत और दो हार शामिल हैं। साउथ अफ्रीका का पांच मैचों में जीत प्रतिशत अब 60 रह गया है, जिसमें तीन जीत और दो हार शामिल हैं।
न्यूजीलैंड छह मैचों में 72.22 के जीत प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। टीम ने इन छह में से 4 मैच जीते हैं, एक में हार का सामना किया है और एक मैच ड्रॉ रहा है। बांग्लादेश छह मैचों में 55.56 के जीत प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है, जिसमें तीन जीत, दो हार और एक ड्रॉ मैच शामिल है।
भारत अभी पांचवें स्थान पर है। टीम ने 11 मैचों में से पांच जीते हैं, चार हारे हैं और दो मैच ड्रॉ रहे हैं, जिससे उनका जीत प्रतिशत 51.52 है। इंग्लैंड छठे स्थान पर है। उन्होंने 16 मैचों में से सात जीते हैं, आठ हारे हैं और एक मैच ड्रॉ रहा है, और उनका जीत प्रतिशत 38.54 है। इंग्लैंड टीम के स्लो-ओवर रेट से जुड़ी अलग-अलग गलतियों के कारण 14 प्वाइंट भी काटे गए हैं।
श्रीलंका सातवें स्थान पर है। उन्होंने छह मैचों में से एक जीत, दो हार और तीन ड्रॉ के साथ 33.33 का जीत प्रतिशत हासिल किया है, जबकि वेस्टइंडीज 12 मैचों में दो जीत, आठ हार और दो ड्रॉ के साथ 20.83 के जीत प्रतिशत लेकर आठवें स्थान पर काबिज है। स्लो-ओवर रेट के कारण उनके दो प्वाइंट काटे गए थे। पाकिस्तान सबसे निचले स्थान पर है। टीम ने 9 मैचों में दो जीत और सात हार का सामना किया है। पाकिस्तान का जीत प्रतिशत सिर्फ 4.63 है। स्लो ओवर रेट के चलते टीम के 19 प्वाइंट काटे गए हैं।
--आईएएनएस
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