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विश्व हृदय दिवस 2026: दिल की सेहत का रखें ख्याल, जानें इस वर्ष की थीम और इतिहास

नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। हृदय या दिल मानव शरीर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जो पूरे शरीर में रक्त को पंप करता है। हृदय का आकार एक बंद मुट्ठी जैसा और इसका वजन लगभग 250 से 350 ग्राम के बीच होता है। यह शरीर में छाती के मध्य में फेफड़ों के बीच और थोड़ा बाईं ओर स्थित होता है। दिल चार भागों में विभाजित होता है। ऊपर के दो हिस्से को आलिंद (एट्रियम) और नीचे के दो भाग को निलय (वेंट्रिकल) कहते हैं।
 

नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। हृदय या दिल मानव शरीर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जो पूरे शरीर में रक्त को पंप करता है। हृदय का आकार एक बंद मुट्ठी जैसा और इसका वजन लगभग 250 से 350 ग्राम के बीच होता है। यह शरीर में छाती के मध्य में फेफड़ों के बीच और थोड़ा बाईं ओर स्थित होता है। दिल चार भागों में विभाजित होता है। ऊपर के दो हिस्से को आलिंद (एट्रियम) और नीचे के दो भाग को निलय (वेंट्रिकल) कहते हैं।

हृदय का मुख्य काम शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व युक्त रक्त पहुंचाता है। यह बॉडी में कार्बन डाइऑक्साइड को फेफड़ों तक भेजता है ताकि वे शरीर से बाहर निकल सकें। एक स्वस्थ वयस्क का दिल आराम की स्थिति में प्रति मिनट लगभग 70 से 80 बार धड़कता है।

शरीर का इतना महत्वपूर्ण अंग होने के बावजूद, दुनिया भर में हृदय रोग (कार्डियोवैस्कुलर डिजिज) मृत्यु का सबसे प्रमुख कारण बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के अनुसार, प्रत्येक वर्ष लगभग 1.98 से 2 करोड़ लोगों की समय पूर्व मौत हृदय रोग की वजह से होती हैं। वहीं, भारत में दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा 28.6 से 31.6 लाख प्रति वर्ष है।

दुनियाभर में दिल से जुड़ी बीमारियों और होने वाली मौतों की इसी स्थिति को देखते हुए लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए प्रत्येक वर्ष 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। विश्व स्तर पर हृदय दिवस मनाने का विचार विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के पूर्व अध्यक्ष एंटोनी बेई डी लूना द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिसके बाद उनके विचारों और डब्ल्यूएचओ के सहयोग से 1999 में विश्व हृदय दिवस की स्थापना की गई थी।

विश्व में पहली बार आधिकारिक तौर पर विश्व हृदय दिवस 24 सितंबर 2000 को मनाया गया जिसके बाद 2011 तक यह दिवस सितंबर के अंतिम रविवार को मनाया गया और वर्ष 2012 से 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इसका मुख्य उद्देश्य हृदय रोगों और कारकों के बारे में लोगों को शिक्षित करना और उनके बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

इस वर्ष विश्व हृदय दिवस का थीम "डोंट मिस ए बीट" (दिल की धड़कन को न चूकें) है। वहीं, पिछले वर्ष इस दिवस का थीम "यूज हार्ट फॉर एक्शन" (कार्यों के लिए हृदय का उपयोग करें) था।

--आईएएनएस

डीके/पीएम