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'वॉशरूम वाला बयान घटिया,' बाइकर शिवानी ने आरोपी के दावे को बताया बहाना

नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। गुरुग्राम के बहुचर्चित गोल्फकोर्स रोड हिट-एंड-रन मामले में बुधवार को कोर्ट ने आरोपी कल्याण बैंसला और लवनीश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को राजस्थान और हरियाणा से गिरफ्तार किया था। इस मामले की पीड़िता बाइकर शिवानी चौहान उर्फ सिया ने कहा है कि सिर्फ आरोपी की गिरफ्तारी काफी नहीं है। उन्होंने कार में सवार सभी चार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
 

नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। गुरुग्राम के बहुचर्चित गोल्फकोर्स रोड हिट-एंड-रन मामले में बुधवार को कोर्ट ने आरोपी कल्याण बैंसला और लवनीश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को राजस्थान और हरियाणा से गिरफ्तार किया था। इस मामले की पीड़िता बाइकर शिवानी चौहान उर्फ सिया ने कहा है कि सिर्फ आरोपी की गिरफ्तारी काफी नहीं है। उन्होंने कार में सवार सभी चार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता शिवानी चौहान ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मुझे कोर्ट से बहुत उम्मीदें हैं कि मुझे न्याय मिलेगा और न्याय मिलना बहुत जरूरी भी है। अगर ऐसे लोगों को हम सजा नहीं दिलवाएंगे तो समाज में बहुत गंदा संदेश जाएगा। अभी तक सिर्फ दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि चारों की गिरफ्तारी होनी चाहिए, चारों पर चार्ज लगना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "मैंने पुलिस को भी यही बताया है और कल कोर्ट में भी यही बताया कि चारों की गिरफ्तारी होनी चाहिए, चारों पर सख्त कार्रवाई होना चाहिए। चारों गाड़ी में थे, चारों उस घटना में शामिल थे, तो चारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मेरे हिसाब से एक बहुत बड़ा संदेश मिलना चाहिए और तभी दूसरे लड़कों के लिए एक मैसेज जाएगा कि कोई ऐसी हरकत करके बच नहीं सकता है।"

आरोपियों की तरफ से दिए गए उस बयान को जिसमें कहा गया था कि उन्हें टॉयलेट लगी थी इसलिए वे रुके नहीं, शिवानी ने बहाना बताया। उन्होंने कहा, "यह तो बहुत घटिया बयान है। पता नहीं क्या सोच है, उनकी और उनके वकील की। कैसे ये लोग झूठे बयान दे सकते हैं, जो पूरा वीडियो रिकॉर्ड हुआ है, पूरे देश ने देखा है कि कैसे जानबूझकर टक्कर मारकर भागे हैं।"

शिवानी ने सवाल उठाया, "अगर आपको वॉशरूम ही जाना था और आप तेजी में थे तो आपका फर्स्ट लेन से आने का क्या तुक बनता है? आपका थर्ड लेन पर आना, इतनी तेजी से आना, फिर मारकर जाना। आप पहले फर्स्ट लेन से भी तो सीधा जा सकते थे। वह लेन भी तो खाली था। ऐसा तो नहीं था कि दोपहर के तीन बजे थे और ट्रैफिक था। सुबह सात बजे हैं, गोल्फ कोर्स रोड है, तीन लेन हैं, पूरा खाली रोड है। इंसान कहीं से भी निकल सकता था। वह अपने आप को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और वह जितनी कोशिश कर लें, वह बच नहीं पाएंगे।"

उन्होंने कहा कि इस समय काफी लोग उन्हें सपोर्ट कर रहे हैं और पूरा देश इस केस की तरफ देख रहा है कि डिपार्टमेंट इस चीज को कैसे लेता है।

शिवानी ने कहा कि अगर इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड न हुआ होता तो उन्हें काफी दिक्कत होती। उन्होंने कहा, "बहुत दिक्कत होती और शायद से मैं अपने आप को जस्टिफाई भी नहीं कर पाती कि मेरे साथ क्या हुआ है। आए दिन ऐसे कितने इंसिडेंट होते हैं हमारे भारत देश में कि लड़कियां रोड पर जा रही हैं, कोई अपने काम पर जा रही है, कितनी लड़कियों को ऐसी हैरेसमेंट फेस करनी पड़ती है, उनके पास तो कोई कैमरा भी नहीं होता और उनके शायद ऐसे मुकदमे दर्ज भी नहीं हो पाते।"

उन्होंने कहा, "मुझे बहुत डर लगता है यह सोचकर कि आज हम उस जगह रह रहे हैं कि लड़कियां जहां काम के लिए निकलती हैं, अपने आप को आगे बढ़ाने के लिए निकलती हैं, उनको ये सारी चीजें फेस करनी पड़ रही हैं। तो इस पर तो वुमन सेफ्टी पर की बात उठती ही है कि हमारा देश और हमारी सड़कें आज सेफ नहीं हैं।"

पीड़िता के पिता रोशन चौहान ने कहा, "पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मेरी पुलिस से गुजारिश है कि घटना के समय कार में मौजूद बाकी दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाए और पूछताछ के लिए बुलाया जाए। घटना को अंजाम देकर भागने वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए मैं पुलिस का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। उन्होंने कुछ आरोपियों को राजस्थान और कुछ को हरियाणा से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बहुत मेहनत की है। मैं उनका धन्यवाद करता हूं। हमें उम्मीद है कि सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

उन्होंने कहा, "पुलिस से अपील है कि बचे हुए दो लोगों को भी हिरासत में लिया जाए। चार आदमी जब एक कार में बैठकर जा रहे हैं और वहां एक व्यक्ति इस प्रकार की हरकत कर रहा है तो अन्य लोगों को उसे रोकना चाहिए था। उन्होंने रोका नहीं, जिससे वह ऐसी हरकत करके फरार हो गए।"

वहीं, पीड़िता के भाई दीपांशु चौहान ने कहा, "हमारी मांग है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले। उन पर अटेम्प्ट टू मर्डर के चार्ज लगे हैं। हम चाहेंगे कि ऐसा न हो कि वह हिरासत में जाकर एक ही हफ्ते में बाहर आ जाए। एक उदाहरण सेट करना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई यह न सोचे कि वह हिट एंड रन करके निकल सकते हैं।"

--आईएएनएस

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