'वक्त बदलता जरूर है, मेहनत करते रहना चाहिए', ईशान किशन इसका श्रेष्ठ उदाहरण बन गए हैं
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। इंसान को लगातार मेहनत करते रहना चाहिए। वक्त बदलता जरूर है। यह लाइन फिलहाल भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन पर सटीक बैठती है।
टी20 विश्व कप 2026 में उनके खेलने की चर्चा भी नहीं थी। वह लंबे समय से टीम से बाहर थे। टीम में आने की संभावना न के बराबर थी, लेकिन वह घरेलू क्रिकेट खेलते रहे और अपनी कप्तानी और दमदार बल्लेबाजी के दम पर अपनी घरेलू टीम झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का चैंपियन बना दिया। भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं की नजर ईशान पर पड़ी और उन्हें न्यूजीलैंड और टी20 विश्व कप 2026 के टीम इंडिया में चुन लिया गया। किशन ने मौके का फायदा उठाया और भारत को विश्व चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।
टी20 फॉर्मेट में उनकी जगह अब पक्की हो गई है। वनडे में भी शामिल किए जाने की चर्चा है। इसी बीच इंडियन प्रीमियर लीग में भी उनके लिए बड़ा अवसर आया है। वह लीग में एसआरएच का हिस्सा हैं। एसआरएच के कप्तान पैट कमिंस इंजर्ड हैं और सीजन के शुरुआती कुछ मैच नहीं खेल पाएंगे। कमिंस की गैरमौजूदगी में एसआरएच ने ईशान को टीम की कमान सौंप दी है। ईशान के पक्ष में घरेलू क्रिकेट में की गई कप्तानी का अनुभव आया।
इस तरह 2025 में करियर की अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे किशन ने 2026 में दमदार वापसी की है। 2026 की शुरुआत किशन के लिए सपने की तरह रही है। कुल 317 रन बनाते हुए वह विश्व कप में भारत के दूसरे श्रेष्ठ स्कोरर हैं। टी20 फॉर्मेट में अब उनकी जगह पक्की हो गई है। आईपीएल में एसआरएच जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी की कप्तानी भी उनके पास आ गई है। किशन के सफलता के सारे दरवाजे खुल गए हैं।
इसके पीछे उनकी घरेलू क्रिकेट में की गई 2 साल की कड़ी मेहनत है। किशन ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में झारखंड को पहला खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। पूरे टूर्नामेंट में 57.44 की औसत से 517 रन बनाकर उन्होंने जोरदार दावा पेश किया। उन्होंने फाइनल में हरियाणा के खिलाफ 45 गेंदों पर शतक लगाया था।
किशन को एसआरएच की कप्तानी मिलना उनके लिए अवसर के साथ ही एक चुनौती की तरह है, लेकिन अगर वह कप्तानी में सफल रहते हैं तो भविष्य में उनके लिए अवसर और बेहतर होंगे। एसआरएच उन्हें कमिंस के बाद पूर्णकालिक कप्तान भी बना सकती है।
ईशान की कप्तानी का टेस्ट 28 मार्च को आईपीएल 2026 के उद्घाटन मुकाबले में आरसीबी के खिलाफ होगा। बहरहाल, मैच का परिणाम जो भी हो, ईशान की बड़े मंच पर दमदार वापसी और सफलता ने इस बात को साबित कर दिया है कि हमें कठिन परिश्रम कभी नहीं छोड़ना चाहिए। जिंदगी अगर गिराती है, तो उठने का मौका भी अवश्य देती है, और उस समय हमें पूरी तरह तैयार रहना होता है।
--आईएएनएस
पीएके
