'वोट की चोरी हो रही है', तेजस्वी ने चुनाव आयोग से लेकर केंद्र सरकार को घेरा
पटना, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग वही करता है, जो भाजपा चाहती हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार जैसे लोग आते-जाते रहेंगे, लेकिन असली लड़ाई भाजपा और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ है।
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार का काम कथित फर्जीवाड़े के जरिए भाजपा को चुनाव जिताना रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी संरक्षण दिया गया है। तेजस्वी ने कहा कि राष्ट्रपति भी पद से हटने या कार्यकाल समाप्त होने के बाद कार्रवाई का सामना कर सकते हैं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त पद से हटने के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती।
उन्होंने चुनाव संबंधी रिकॉर्ड रखने की अवधि कम किए जाने और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए चयन पैनल में बदलाव का भी मुद्दा उठाया। तेजस्वी यादव ने कहा कि पहले वोट के रिकॉर्ड को एक साल तक रखने का प्रावधान था, जिसे घटाकर 45 दिन कर दिया गया। साथ ही, मुख्य न्यायाधीश को चयन पैनल से हटाकर केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया। इन बदलावों के खिलाफ विपक्ष जनता के बीच जाएगा और लड़ाई जारी रखेगा।
तेजस्वी ने कहा, ''हम लोग जनता के बीच जाएंगे, लड़ाई लड़ेंगे और अन्याय के खिलाफ मरते दम तक लड़ेंगे।” उन्होंने दावा किया कि लोग सरकार से नाराज हैं और जनता में आक्रोश है। उनके मुताबिक, जब वोट का महत्व ही नहीं रहेगा और कथित तौर पर वोट की चोरी होगी तो सरकार जनता की समस्याओं की परवाह क्यों करेगी। बिहार में बाढ़ और फसल नुकसान को लेकर भी तेजस्वी ने राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में एक साथ बाढ़ और सूखे जैसी स्थिति है। बीच में हुई बारिश से किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री को कई बार पत्र लिखे गए और बात भी की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय भाजपा को बिहार की जनता की याद आती है और चुनाव खत्म होते ही उसे भुला दिया जाता है। चुनाव जीतने के लिए बिहार का खजाना खाली कर दिया गया है और राज्य कर्ज पर चल रहा है। उनके अनुसार, आने वाले छह महीनों में स्थिति और खराब हो सकती है।
राजद नेता ने महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और अपराध को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी के कारण आने वाले समय में कानून-व्यवस्था की स्थिति और खराब हो सकती है। बाढ़ राहत के बीच सरकारी खर्च को लेकर उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने दीया जलाने पर 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर दिए। उनका कहना था कि यही राशि बाढ़ पीड़ितों और फसल गंवाने वाले किसानों को दी जाती तो बड़ी राहत मिल सकती थी।
तेजस्वी ने दावा किया कि करीब 50 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं और बिहार का बड़ा हिस्सा प्रभावित है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार विकास का दावा करती है, लेकिन सरकार बनने के बाद ऐसा कोई एक काम नहीं दिखाया जा सकता, जिससे आम लोगों को वास्तविक लाभ मिला हो।
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