विश्व जल दिवस: पानी सिर्फ आज की जरूरत नहीं, भविष्य का है आधार
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। विश्व जल दिवस सिर्फ एक तारीख या औपचारिक आयोजन नहीं है बल्कि यह हमें याद दिलाता है कि पानी हमारे जीवन का सबसे अहम हिस्सा है। आज के समय में जहां दुनिया तेजी से बदल रही है, आबादी बढ़ रही है और उद्योगों का विस्तार हो रहा है, वहीं पानी का संकट भी लगातार गहरा होता जा रहा है।
2.1 अरब लोग आज भी सुरक्षित पीने के पानी के बिना जी रहे हैं। यही वजह है कि हर साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों का ध्यान इस महत्वपूर्ण संसाधन की ओर जाए और हम सभी मिलकर इसके संरक्षण के लिए कदम उठा सकें।
इस दिन की शुरुआत 1992 में रियो अर्थ समिट के दौरान हुई थी, जब पहली बार पानी को एक वैश्विक मुद्दा मानकर गंभीरता से चर्चा की गई। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 22 दिसंबर 1992 को प्रस्ताव पारित किया कि हर साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाएगा। 1993 से यह नियमित रूप से मनाया जाने लगा और तब से हर साल पानी से जुड़े नए मुद्दों को उजागर करने के लिए एक थीम तय की जाती है।
इस पहल का मकसद सिर्फ लोगों को जागरूक करना ही नहीं, बल्कि उन्हें पानी बचाने, उसका सही इस्तेमाल करने और उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करना भी है।
पानी की कमी केवल स्थानीय समस्या नहीं रही, यह अब पूरी दुनिया के लिए चुनौती बन चुकी है। बढ़ती आबादी, शहरों में बढ़ता दबाव, भूजल का तेजी से घटता स्तर, जलवायु परिवर्तन और भूमि क्षरण जैसी समस्याओं ने स्थिति और गंभीर बना दी है।
ऐसे में पानी का संरक्षण और सतत उपयोग हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी बन गया है। हमें रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे-छोटे कदम उठाने होंगे जैसे नल बंद रखना, बारिश का पानी संचित करना, पानी बचाने वाले खेती के तरीकों को अपनाना और जलवायु-सहनीय फसलों को चुनना।
--आईएएनएस
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