विशेष अभियान-6 में उर्वरक विभाग की बड़ी उपलब्धि, 67 हजार वर्गफुट जगह कराई खाली
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। उर्वरक विभाग और उसके अधीनस्थ कार्यालयों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चल रहे विशेष अभियान 6 के तहत महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। यह अभियान प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वच्छता को संस्थागत रूप देने, लंबित मामलों को कम करने और सरकारी कार्यालयों की कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
29 अक्टूबर तक विभाग और उसके पीएसयू ने भौतिक एवं ई-फाइलों की समीक्षा, पुराने रिकॉर्डों की छंटनी, कबाड़ सामग्री के निपटान तथा कार्यालय परिसरों की सफाई में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अभियान के तहत लोक शिकायतों, अपीलों और अन्य लंबित मामलों के निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
29 अक्टूबर तक की प्रमुख उपलब्धियां हासिल की हैं। भौतिक फाइलों की समीक्षा: 10,805 चिन्हित फाइलों में से 8,625 फाइलों की समीक्षा पूरी। ई-फाइल प्रबंधन: 658 ई-फाइलों की समीक्षा और 345 ई-फाइलें बंद की गईं। रिकॉर्डों की छंटनी: 2,561 चिन्हित फाइलों में से 1,606 पुरानी फाइलों को हटाया गया। स्वच्छता अभियान: पीएसयू द्वारा 3,137 बाहरी स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए। कबाड़ निस्तारण: कार्यालयी कबाड़ के निपटान से ₹2,76,776 का राजस्व प्राप्त हुआ।
इसके साथ ही, कार्यालयीन स्थान खाली कराया गया। 67,635 वर्ग फुट स्थान खाली कराया गया, जिससे कार्यालय परिसरों का बेहतर उपयोग संभव होगा। लोक शिकायत अपीलें: अभियान के तहत दर्ज सभी 5 लोक शिकायत अपीलों का निस्तारण किया गया। नियमों का सरलीकरण: विभाग द्वारा नियमों को सरल बनाने के लिए एक पहल की गई।
विशेष अभियान 6 के तहत विभाग ने स्वच्छता और बेहतर कार्यालय प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए 85 सोशल मीडिया पोस्ट जारी किए हैं। इन पोस्टों में स्वच्छता अभियान, रिकॉर्ड प्रबंधन, ई-वेस्ट और कबाड़ के वैज्ञानिक निपटान सहित अभियान से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई।
विशेष अभियान 6 वर्तमान में जारी है और 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। उर्वरक विभाग और उसके पीएसयू स्वच्छता बनाए रखने, लंबित कार्यों को कम करने, कार्यस्थल की दक्षता बढ़ाने तथा अनुपयोगी रिकॉर्ड, ई-वेस्ट और कबाड़ सामग्री के उचित निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यह अभियान स्वच्छता को संस्थागत रूप देने, सुशासन को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यालयों को अधिक साफ-सुथरा, व्यवस्थित तथा उत्पादक बनाने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
--आईएएनएस
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