वीजा की बाधाएं घटाकर दुनिया के लिए और खुलता चीन
बीजिंग, 25 सितंबर (आईएएनएस)। 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर चीन की पर्यटन कहानी इस बार केवल चीन की महान दीवार, निषिद्ध नगर, शांगहाई की स्काईलाइन या शीआन के टेराकोटा योद्धाओं की नहीं होगी। बड़ी कहानी उन नीतिगत बदलावों की है, जिनके जरिए चीन ने विदेशी यात्रियों के लिए प्रवेश आसान किया है और यात्रा को पर्यटन, उपभोग तथा लोगों के बीच सीधे संपर्क से जोड़ा है।
अगस्त 2026 तक चीन की 240 घंटे की वीजा-मुक्त पारगमन व्यवस्था 57 देशों तक विस्तारित हो चुकी है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन और रूस सहित कई प्रमुख देश शामिल हैं। पात्र यात्री चीन से किसी तीसरे देश या क्षेत्र की ओर जाते समय 65 निर्धारित प्रवेश बंदरगाहों से चीन में प्रवेश कर अधिकतम 240 घंटे, यानी दस दिन, निर्धारित क्षेत्रों में रह सकते हैं।
इसके साथ चीन कई देशों के नागरिकों को एकतरफा वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा भी दे रहा है। दोनों व्यवस्थाओं ने मिलकर “बिना ज्यादा तैयारी के चीन की यात्रा” के विचार को पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यावहारिक बना दिया है। आंकड़े बताते हैं कि लोग आ भी रहे हैं। नीति के असर को आव्रजन आंकड़ों में साफ देखा जा सकता है। चीन के राष्ट्रीय आव्रजन प्रशासन के मुताबिक 2026 की पहली छमाही में देश में कुल 36 करोड़ 90 लाख बार लोगों का आगमन और प्रस्थान दर्ज किया गया, जो एक साल पहले से 10.8 प्रतिशत अधिक था और एक नया रिकॉर्ड था।
विदेशी नागरिकों की कुल सीमा पार आवाजाही 4 करोड़ 59 लाख 10 हजार रही, जो 20.6 प्रतिशत बढ़ी। चीन आने वाले विदेशी यात्रियों की संख्या 2 करोड़ 29 लाख 10 हजार रही और इसमें 20.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इनमें 1 करोड़ 78 लाख 20 हजार वीजा-मुक्त प्रवेश थे, जो कुल विदेशी आगमन का 77.7 प्रतिशत था। वीजा-मुक्त प्रवेश में सालाना वृद्धि 30.6 प्रतिशत रही। ये आंकड़े केवल आव्रजन नीति की लोकप्रियता नहीं बताते। वे यह भी दिखाते हैं कि आसान प्रवेश व्यवस्था ने चीन को कम दूरी की यात्राओं और स्वतंत्र यात्रा के लिए अधिक सुलभ बनाया है।
अमेरिका भी प्रमुख पर्यटक स्रोत देशों में
2026 की पहली छमाही में चीन आने वाले विदेशी यात्रियों के शीर्ष स्रोत देशों में दक्षिण कोरिया, रूस, मलेशिया, वियतनाम, थाईलैंड, सिंगापुर, अमेरिका, जापान, मंगोलिया और ऑस्ट्रेलिया शामिल थे। इन दस देशों की हिस्सेदारी कुल विदेशी आगमन में 62 प्रतिशत रही। यह खास तौर पर अमेरिका के संदर्भ में उल्लेखनीय है। दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीक को लेकर प्रतिस्पर्धा बनी रहने के बावजूद लोगों की यात्रा जारी है।
240 घंटे की पारगमन व्यवस्था में अमेरिका का शामिल होना इस लोगों के बीच संपर्क को और आसान बनाता है। यहां एक तथ्य स्पष्ट रखना जरूरी है: अमेरिका चीन की सामान्य एकतरफा 30 दिन की वीजा-मुक्त सूची का हिस्सा नहीं है। अमेरिकी नागरिक 240 घंटे की पारगमन व्यवस्था का उपयोग तभी कर सकते हैं, जब वे निर्धारित शर्तों के अनुसार चीन से किसी तीसरे देश या क्षेत्र की ओर यात्रा कर रहे हों।
पर्यटन से खपत को नया बल
विदेशी पर्यटक केवल किसी पर्यटन स्थल पर तस्वीर लेने वाला आगंतुक नहीं होता। वह होटल, रेस्तरां, रेल, टैक्सी, हवाई यात्रा, दुकानों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मनोरंजन पर खर्च करता है। इसीलिए आसान वीजा नीति का आर्थिक असर पर्यटन क्षेत्र से कहीं आगे जा सकता है। जब कोई अंतरराष्ट्रीय पर्यटक पेइचिंग या शांगहाई से आगे छंगतु, शीआन, क्वांगचो, छोंगछिंग, हांगचो या छोटे शहरों तक जाता है, तो उसका खर्च स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं में फैलता है। यह चीन के उस व्यापक प्रयास से मेल खाता है, जिसमें सेवा उपभोग को आर्थिक विकास का अधिक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।
स्वतंत्र यात्रा से बदलती चीन की तस्वीर
वीजा की बाधाएं कम होने का सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक प्रभाव शायद स्वतंत्र यात्रा में दिखाई देता है। पारंपरिक संगठित यात्रा में विदेशी यात्री अकसर कुछ प्रसिद्ध स्मारक देखकर वापस चला जाता था। लेकिन दस दिन की पारगमन सुविधा या 30 दिन तक वीजा-मुक्त रहने की व्यवस्था अधिक गहरी यात्रा की संभावना पैदा करती है। यात्री मेट्रो से सफर करता है, तेज रफ्तार रेल लेता है, स्थानीय बाजार जाता है, छोटे रेस्तरां में भोजन करता है और बड़े पर्यटन स्थलों से बाहर रोजमर्रा के चीन को देखता है।
यही अनुभव किसी देश की छवि बनाने में बहुत महत्वपूर्ण होता है। दुनिया में चीन को लेकर धारणा अक्सर भू-राजनीति, व्यापार विवादों या अंतरराष्ट्रीय मीडिया में होने वाली खबरों के जरिए बनती है। यात्रा उस दूरी को कम करती है, क्योंकि यात्री स्वयं देखता है कि चीन के शहर कैसे चलते हैं, सार्वजनिक परिवहन कैसा है, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन कारोबार कैसे काम करते हैं और स्थानीय लोग कैसे रहते हैं। विश्व पर्यटन दिवस का व्यापक उद्देश्य भी पर्यटन को संस्कृतियों और समाजों के बीच संपर्क के रूप में देखना है।
खुलापन बढ़ाने की व्यावहारिक पहल
वीजा-मुक्त नीति को चीन की व्यापक खुलेपन की रणनीति से अलग करके नहीं देखा जा सकता। देश ने पिछले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भुगतान की सुविधा, बैंक कार्ड के इस्तेमाल, यात्रा संबंधी जानकारी और परिवहन की सुविधा सुधारने पर भी जोर दिया है। यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि वीजा केवल पहला कदम है। एक सफल अंतरराष्ट्रीय पर्यटन व्यवस्था में हवाई अड्डे से शहर तक पहुंच, भुगतान, होटल, भाषा सहायता, टिकट बुकिंग और डिजिटल सेवाएं सभी शामिल होती हैं।
चीन में विश्वस्तरीय तेज रफ्तार रेल नेटवर्क, विशाल मेट्रो व्यवस्था और व्यापक घरेलू विमान सेवा नेटवर्क पहले से मौजूद हैं। वीजा सुविधा इन व्यवस्थाओं को विदेशी यात्रियों के लिए अधिक सुलभ बनाने वाली अगली कड़ी है।
57 देश और 65 प्रवेश बंदरगाह
20 अगस्त को किर्गिस्तान और वियतनाम को जोड़ने के बाद 240 घंटे की वीजा-मुक्त पारगमन योजना में देशों की संख्या 57 और खुले प्रवेश बंदरगाहों की संख्या 65 हो गई। ये बंदरगाह पेइचिंग और शंघाई सहित कई क्षेत्रों में फैले हैं। यानी नीति का दायरा केवल कुछ वैश्विक शहरों तक सीमित नहीं है। यह चीन के पर्यटन भूगोल को भी व्यापक बना सकता है। जितने अधिक प्रवेश बिंदु होंगे, विदेशी यात्रियों के लिए क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों तक पहुंचना उतना ही आसान होगा।
पर्यटन और वैश्विक समझ
विश्व पर्यटन दिवस पर इसका सबसे महत्वपूर्ण अर्थ शायद आंकड़ों से आगे है। दुनिया के देशों के बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पर्यटन लोगों को सीधे एक-दूसरे से जोड़ता है। किसी विदेशी यात्री के लिए चीन केवल समाचारों में दिखने वाला देश नहीं रहता। वह पेइचिंग की पारंपरिक गलियों, शंघाई के नदी किनारे के इलाके, शीआन के इतिहास, छंगदू की खान-पान संस्कृति और छोटे शहरों के रोजमर्रा के जीवन को स्वयं अनुभव करता है।
इसी तरह स्थानीय चीनी समुदायों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्री दुनिया से प्रत्यक्ष संवाद का माध्यम बनते हैं। 2026 की पहली छमाही में 2 करोड़ 29 लाख 10 हजार विदेशी यात्रियों का आगमन और उनमें 1 करोड़ 78 लाख 20 हजार वीजा-मुक्त प्रवेश इस बदलाव के पैमाने को दिखाते हैं। इसलिए विश्व पर्यटन दिवस पर चीन की कहानी केवल पर्यटकों की संख्या की नहीं है।
चीन के बढ़ते खुलेपन की कहानी
यह पर्यटन से बढ़ती खपत की कहानी है। और सबसे बढ़कर, यह लोगों को एक-दूसरे के समाजों को अपनी आंखों से देखने का अवसर देने की कहानी है। “बिना ज्यादा तैयारी के चीन की यात्रा” अब केवल प्रचार वाक्य नहीं रहा। बढ़ते वीजा-मुक्त प्रवेश बताते हैं कि बड़ी संख्या में विदेशी यात्री वास्तव में इस अवसर का उपयोग कर रहे हैं। चीन के दरवाजे अधिक खुले हैं और दुनिया के यात्रियों की बढ़ती संख्या उन दरवाजों से भीतर आ रही है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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