Aapka Rajasthan

विपक्ष के सांसदों का सरकार पर तंज, कहा- बात सुनने के बजाय युवाओं पर किया गया बल प्रयोग

नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के सांसदों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वो सदन नहीं चलने दे रहे है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सदन सुचारू रूप से चले क्योंकि संसद ही वह मंच है जहां देश के महत्वपूर्ण मुद्दों, जनता की समस्याओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और संविधान से जुड़े विषयों पर चर्चा हो सकती है।
 

नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के सांसदों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वो सदन नहीं चलने दे रहे है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सदन सुचारू रूप से चले क्योंकि संसद ही वह मंच है जहां देश के महत्वपूर्ण मुद्दों, जनता की समस्याओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और संविधान से जुड़े विषयों पर चर्चा हो सकती है।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि विपक्ष सदन की कार्यवाही जारी रखने के पक्ष में है लेकिन सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास सदन को सुचारू रूप से चलाने की इच्छा और इच्छाशक्ति नहीं है। इसके लिए वो कोई न कोई मुद्दा लेकर माहौल खराब कर रही है।

युवाओं के प्रदर्शन को लेकर भी अवधेश प्रसाद ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लाखों युवा अपनी समस्याएं और चिंताएं सरकार तक पहुंचाने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे थे लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया। इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए और विपक्षी सांसदों को भी चोटें आईं। उन्होंने इसे सरकार की कथित तानाशाही का उदाहरण बताया।

नीट मुद्दे पर सोमवार को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बारे में कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि युवाओं की बस एक ही मांग है: भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। चूंकि यह मांग पूरी नहीं हुई, इसलिए वे आज भी अपना धरना जारी रखना चाहते थे और संसद की ओर मार्च करना चाहते थे। सरकार को इस तरह से प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या कम से कम संसदीय कार्य मंत्री से दो मुद्दों पर जवाब मांगा था। पेपर लीक और राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी। ये दो सबसे संवेदनशील मुद्दे हैं और लोग मीडिया के जरिए या कम से कम संसद में जवाब चाहते थे। अगर सरकार संसद में इन सवालों का जवाब देती है, तो पूरे देश और दुनिया को उसकी स्थिति का पता चल जाएगा।

वहीं, कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने नीट परीक्षा विवाद को लेकर राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से लगातार नीट का मुद्दा संसद और संसद के बाहर उठाते रहे हैं। अब लोगों को महसूस हो रहा है कि राहुल गांधी की चिंताएं सही थीं और इसी कारण युवाओं में नाराजगी बढ़ी है।

वंदे मातरम बिल पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि किसी भी विधेयक पर पहले सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिल पेश करने के तुरंत बाद मतदान कराने की प्रक्रिया अपना रही है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। विपक्ष ने मांग की कि संसद में सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम