विपक्ष चर्चा से भाग नहीं रहा, गृह मंत्री सदन में आकर दें जवाब : संजय राउत
नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र में लगातार गतिरोध बना हुआ है। विपक्ष नीट पेपर लीक, छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों पर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग कर रहा है। वहीं सत्ता पक्ष का आरोप है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष अपनी गलतियां छिपाने के लिए सदन से भाग रहा है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने छात्रों से जुड़े मुद्दे पर बहस को लेकर अमित शाह पर सवाल उठाए हैं।
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, "कोई भी चर्चा से भाग नहीं रहा है। अमित शाह सांसद और गृह मंत्री हैं, उन्हें अंदर आने से किसने रोका? उन्हें चर्चा के लिए अंदर आना चाहिए।"
राउत ने कहा कि विपक्ष छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर बहस चाहता है। नीट पेपर लीक और झारखंड, बिहार समेत अन्य राज्यों में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल हैं। ऐसे में गृह मंत्री का सदन में आकर जवाब देना जरूरी है।
संजय राउत ने ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा, "आपको मराठी समझनी चाहिए। आप देश में कहीं भी जाएं - चाहे गुजरात, कर्नाटक, बिहार, हरियाणा या कोई अन्य राज्य हो - अगर आप ऐसे पेशे में हैं जिसमें ग्राहकों से बातचीत करनी पड़ती है, तो आपको स्थानीय भाषा सीखनी चाहिए ताकि आप उनसे बात कर सकें।"
उन्होंने कहा, "यह बात पूरे देश पर लागू होती है। यह सिर्फ एक राज्य की बात नहीं है। अगर कोई मुंबई में ऑटो चलाता है तो उसे मराठी आनी चाहिए, जैसे बेंगलुरु में कन्नड़ और अहमदाबाद में गुजराती।"
पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोप सिद्ध होने पर राउत ने कहा, "यह अच्छी बात है कि एसआईटी ने उनकी जांच की और ठीक से पूछताछ की, हालांकि आज भी न्यायपालिका में ऐसे कई यशवंत वर्मा मौजूद हैं।"
वहीं, लखनऊ में कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि अगर अपराध साबित हो गए हैं तो उन्हें गिरफ्तार करके तुरंत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "बड़े लोग अगर इस तरीके से भ्रष्ट होंगे तो फिर छोटे क्या करेंगे। आज पूरा देश देख रहा है कि यशवंत वर्मा को कौन सी सजा मिलती है। वरना लोगों का न्यायपालिका से भी विश्वास उठ जाएगा।"
राजपूत ने कहा, "अगर आम आदमी को भ्रष्टाचार के लिए दो साल की सजा होती है तो यशवंत वर्मा जैसे बड़े लोगों को भ्रष्टाचार के लिए आजीवन कारावास होना चाहिए।"
--आईएएनएस
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