Aapka Rajasthan

'विपक्ष को अब भी संदेह है तो रास्ता खुला,' चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण पर बोले मंत्री दीपक प्रकाश

पटना, 27 सितंबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग में अंदरूनी असहमति को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच शनिवार को आयोग ने प्रेस नोट जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। चुनाव आयोग ने कहा है कि एसआईआर से जुड़े सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की पूर्ण सहमति और सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग के इस स्पष्टीकरण के बाद बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने इसका स्वागत किया है।
 

पटना, 27 सितंबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग में अंदरूनी असहमति को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच शनिवार को आयोग ने प्रेस नोट जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। चुनाव आयोग ने कहा है कि एसआईआर से जुड़े सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की पूर्ण सहमति और सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग के इस स्पष्टीकरण के बाद बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने इसका स्वागत किया है।

मंत्री दीपक प्रकाश ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने सभी मुद्दों पर अपना स्पष्टीकरण दे दिया है। अब किसी भी तरह के संदेह या भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। सारी बातें पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी हैं।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित अन्य विपक्षी दलों द्वारा अभी भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए जाने पर मंत्री ने कहा कि आयोग की ओर से सब कुछ स्पष्ट कर दिया गया है। यदि विपक्ष को अब भी किसी बात पर संदेह है तो उनके लिए आगे का रास्ता खुला है, वे कहीं भी जा सकते हैं।

बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर, खासकर एक गैराज ऑपरेटर की हत्या के मामले में, दीपक प्रकाश ने कहा कि शासन और प्रशासन हर जगह निगरानी रख रहा है। जहां कहीं भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, वह दुखद है, लेकिन सरकार द्वारा इस पर पूरी और सख्त कार्रवाई की जा रही है।

वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अधिकारी सोशल मीडिया हैंडल से जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता का फोटो शेयर करने के मामले को लेकर चल रहे विवाद पर भी दीपक प्रकाश ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उनकी सरकार के समय राज्य में किस तरह का माहौल था, यह सभी जानते हैं।

दरअसल, मुख्यमंत्री ने पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की तस्वीर पोस्ट की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया था। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और राजद के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया है कि नाबालिग की पहचान सार्वजनिक कर मुख्यमंत्री ने पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन किया है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस