विपक्ष की बैठक पर एनडीए नेताओं का हमला, चिराग बोले- 'एक-दूसरे की कमजोरियां छिपाने का समझौता है इंडी गठबंधन'
पटना, 8 जून (आईएनएस)। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दिल्ली में होने वाली विपक्षी दलों के 'इंडी' गठबंधन की बैठक को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एक दूसरे की बुराइयों और कमजोरियों को छिपाने के लिए विपक्षी दलों का यह 'इंडी' गठबंधन एक समझौता है। इसीलिए कभी भी यह गठबंधन सफल नहीं हुआ है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "तथाकथित इंडी गठबंधन में दरारें साफ दिख रही हैं। डीएमके की नाराजगी स्वाभाविक है, क्योंकि कांग्रेस ने सत्ता के लालच में अपने पुराने और वफादार सहयोगियों को धोखा दिया है। जाहिर है, डीएमके जैसी पार्टियां इससे दूरी बना रही हैं।"
उन्होंने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर भी कटाक्ष किया। पासवान ने कहा, "ममता बनर्जी का इतने उत्साह के साथ इंडी गठबंधन की बैठक में शामिल होना हैरानी की बात है। ये वही ममता बनर्जी हैं, जिन पर बंगाल चुनावों के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां की थीं और जिनकी पार्टी पर हिंसा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगा था। इसके बावजूद, वह बैठक में शामिल हो रही हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "ये दर्शाता है कि एक दूसरे की बुराइयों और कमजोरियों को छिपाने के लिए यह गठबंधन एक समझौता है। इसीलिए कभी भी यह गठबंधन सफल नहीं हुआ है। विपक्षी दल एक बार फिर इकट्ठा हो रहे हैं, लेकिन इतिहास गवाह रहा है कि जब-जब इन दलों को एकजुट रहने की जरूरत थी, इन्होंने अपने लालच में एक-दूसरे को ही धोखा देने का काम किया है।"
विपक्षी दलों की बैठक पर भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "विपक्षी दलों के बीच कोई तालमेल नहीं है, कोई समन्वय नहीं है, कोई आपसी भरोसा नहीं है। इनका कोई साझा मकसद भी नहीं है। हर नेता मुख्य रूप से अपने राजनीतिक अस्तित्व और हितों को लेकर चिंतित है।"
वहीं भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, "इंडी गठबंधन किसी औपचारिक या व्यवस्थित संगठन की तरह काम नहीं करता है। इसका कोई आधिकारिक तौर पर तय नेता, चेयरमैन, ऑफिस या एक जैसी लीडरशिप का ढांचा नहीं है। इसमें कई ऐसे राजनीतिक दल और नेता शामिल हैं, जो कभी-कभी विपक्ष की राजनीति और बीजेपी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना से जुड़े मुद्दों पर एक साथ आते हैं।"
उन्होंने कहा, "इस गठबंधन में शामिल दलों का कुछ नहीं हो सकता है। ये एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं। कभी-कभी ये दल इकट्ठा होकर चाय-समोसे खाने बैठ जाते हैं।"
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, "हमने बार-बार कहा है कि 'इंडी' गठबंधन को औपचारिक रूप से अपने भंग होने की घोषणा कर देनी चाहिए। यह कैसा गठबंधन है, जिसमें शामिल पार्टियां ही एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ती हैं?"
उन्होंने कहा, "ऐसे गठबंधन का क्या औचित्य है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी, कांग्रेस और लेफ्ट एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रही थीं। केरल में लेफ्ट और कांग्रेस पार्टियां दोनों एक-दूसरे के खिलाफ लड़ीं। इसी तरह अलग-अलग राज्यों के चुनावों में गठबंधन में शामिल पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ लड़ाई लड़ी, लेकिन ये दल दिल्ली या दूसरे शहर में एक साथ जमा होकर फोटो खिंचवाते हैं। ऐसे में मुझे नहीं लगता है कि ये दल प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए का मुकाबला कर पाएंगे।"
--आईएएनएस
डीसीएच/
