विपक्ष के सांसदों ने पंजाब के शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा, कहा-चार साल में 6 पेपर लीक, फिर भी इनकार कर रहे सीएम मान
नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। संसद में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने पंजाब सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की।
कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी ने आईएएनएस से कहा कि देशभर में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं, जिससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में 150 से अधिक पेपर लीक के मामले सामने आए हैं लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अपराधियों को न तो गिरफ्तार किया जा रहा है और न ही उन्हें कड़ी सजा मिल रही है, जिससे ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है।
धर्मवीर गांधी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद पेपर लीक के छह मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में चला गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार इन मामलों को गंभीरता से लेने के बजाय पेपर लीक की घटनाओं से ही इनकार कर रही है जबकि इससे जुड़े कई मामले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित हैं। उन्होंने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ताकि छात्रों को न्याय मिल सके।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने पंजाब में कथित पेपर लीक मामले पर कहा कि 4 साल में 6 पेपर लीक हुए हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान यह क्यों नहीं कह रहे हैं कि पंजाब में जो पेपर लीक हुआ है, उस पर कार्रवाई होगी बल्कि उल्टा वे कह रहे हैं कि कोई पेपर लीक हुआ ही नहीं है। जब प्रदर्शन होगा तब ये बच्चों को कहेंगे कि इन्होंने विधानसभा का घेराव कर दिया और तोड़फोड़ कर दी है। सीएम भगवंत मान को माफी मांगनी चाहिए और राज्य के शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में उपलब्ध जानकारी स्वयं कई बातों की पुष्टि करती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में किसी भी तथ्य को लंबे समय तक छिपाना संभव नहीं है।
टीएमसी सांसद सॉगत राय ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष ने सदन में पूरी गंभीरता से चर्चा में भाग लिया। उन्होंने बताया कि विपक्ष की ओर से गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव ने सरकार की नीतियों और कमियों पर विस्तार से अपनी बात रखी। सौगत राय ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों को सुनने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है। उनके अनुसार, संसद में महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हो रही है और सरकार को विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए।
--आईएएनएस
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