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विकसित भारत बनाने के लिए हमारी सरकार योजनाएं लाती है: राज भूषण चौधरी

मुजफ्फरपुर, 11 जनवरी (आईएएनएस)। जी राम जी कानून को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय राज्यमंत्री राज भूषण चौधरी ने रविवार को कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार लोगों की भलाई के लिए योजनाएं लाती है।
 
विकसित भारत बनाने के लिए हमारी सरकार योजनाएं लाती है: राज भूषण चौधरी

मुजफ्फरपुर, 11 जनवरी (आईएएनएस)। जी राम जी कानून को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय राज्यमंत्री राज भूषण चौधरी ने रविवार को कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार लोगों की भलाई के लिए योजनाएं लाती है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हमारी सरकार लोगों की भलाई और एक विकसित भारत बनाने के लिए योजनाएं ला रही है। उन्होंने ये भी बताया कि मनरेगा और जी राम जी योजना में क्या अंतर है और इसमें संशोधन करना क्यों जरूरी था।

उन्होंने कहा कि जैसा कि सभी जानते हैं, किसी भी कानून में समय के साथ संशोधन की जरूरत पड़ सकती है। हालात बदलते हैं, कमियां सामने आती हैं और सुधार की हमेशा जरूरत होती है। इसलिए इस बिल में संशोधन करके इसे पास किया गया।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रयास कर रही है कि महात्मा गांधी के सपने को पूरा किया जाए। गांधी का सपना राम राज का था, गांधी ने हमेशा भजन गाया रघुपति राघव राजा राम। उनके अंतिम शब्द भी राम ही थे।पता नहीं विपक्ष और इंडी अलायंस को राम के नाम से क्या परेशानी हैं? भूतों को राम नाम से परेशानी हो सकती है।

उन्होंने कहा कि 'जी राम जी' के जरिए सिर्फ मकसद यह है कि गरीब, पिछड़े-अतिपिछड़े लोगों को रोजगार मिले। मनरेगा के तहत लोगों को 100 दिनों का रोजगार मिलता था, अब नई स्कीम के तहत 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता भ्रम फैलाने में जुटे हैं, लेकिन ग्रामीण मजदूर सच्चाई अच्छी तरह समझता है। उसे पता है कि 'जी राम जी' उसके हक में है और उसकी मेहनत को सम्मान देता है।

राज भूषण चौधरी ने रविवार को कहा कि शोर और राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जमीन पर मजदूर वही देखता है जिससे उसका रोजगार सुरक्षित हो और भविष्य मजबूत बने। इसी भरोसे की वजह से ग्रामीण मजदूर इस बदलाव के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि संशोधन के बाद 40 फीसदी राज्यों की हिस्सेदारी के साथ पूरी जवाबदेही और सख्त निगरानी होगी। खेती के पीक सीजन में 60 दिन का ब्रेक ताकि किसान और मजदूर दोनों सुरक्षित रहें। तकनीक आधारित व्यवस्था और साप्ताहिक भुगतान से बिचौलियों पर सीधा प्रहार हुआ है। इस स्कीम का मकसद ग्रामीण रोजगार को मजबूती और अर्थव्यवस्था को गति देना है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी