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'विकसित भारत 2047' का संकल्प युवा शक्ति ही पूरा करेगी: कुलजीत सिंह चाहल

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में आयोजित संवाद कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में छात्रों, प्रोफेसरों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।
 
'विकसित भारत 2047' का संकल्प युवा शक्ति ही पूरा करेगी: कुलजीत सिंह चाहल

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में आयोजित संवाद कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में छात्रों, प्रोफेसरों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।

चहल ने कहा कि देश के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के पिछले 12 वर्षों को सेवा, सुशासन, विकास और विश्वास के रूप में देखा जाता है। उन्होंने यह कहा कि यह अवधि संगठनात्मक मजबूती और नीति-स्तरीय सुधारों के लिए महत्वपूर्ण रही है। उनके अनुसार, इन वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसमें स्वास्थ्य, सड़क अवसंरचना, डिजिटल सेवाएं और औद्योगिक विकास शामिल हैं।

कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और छात्र समुदाय के बीच संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। इसमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। चर्चा के दौरान छात्रों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत, मेक इन इंडिया और आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।

चहल ने कहा कि आज का युवा वर्ग देश के विकास में बढ़-चढ़कर भाग ले रहा है और राष्ट्रीय निर्माण की प्रक्रिया में अपनी भूमिका को समझ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जिन विषयों को लेकर भारत की अलग छवि मानी जाती थी, आज वह बदल रही है और देश 'विकास और विश्वास' की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने 'विकसित भारत 2047' के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि यह लक्ष्य देश को एक समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस संदर्भ में उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी निभाएं और नवाचार, शिक्षा और सामाजिक योगदान के माध्यम से देश के निर्माण में सहयोग दें।

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी