वियतनाम के साथ रक्षा और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर की चर्चा : पीएम मोदी
नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर सकारात्मक और व्यापक चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के जरिए बातचीत की अहम बातें साझा की। बताया कि बातचीत के दौरान भारत और वियतनाम के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित 2+2 तंत्र को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इस तंत्र के जरिए दोनों देशों के रक्षा और विदेश नीति से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के बीच नियमित संवाद को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
दोनों ने ऊर्जा, दुर्लभ खनिजों और अंतरिक्ष जैसे उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया। दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को खास महत्व दिया गया, क्योंकि ये संसाधन आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े उद्योगों के लिए तेजी से महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
व्यापार और निवेश के मोर्चे पर भी दोनों पक्षों ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करने पर चर्चा की। भारत और वियतनाम वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने की दिशा में काम करेंगे। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच दोतरफा निवेश को बढ़ावा देने और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और वियतनाम के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को भी रेखांकित किया। दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे ऐतिहासिक संपर्क और साझा सांस्कृतिक विरासत को द्विपक्षीय रिश्तों की महत्वपूर्ण ताकत बताया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और वियतनाम के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट नीति तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने कहा कि वियतनाम भारत के लिए हमेशा एक प्रमुख स्तंभ बना रहेगा।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातों का सिलसिला जारी है। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग समेत आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
--आईएएनएस
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