विधायक खरीद फरोख्त मामले में उमर अब्दुल्ला पर भाजपा हावी, कहा-नोटिस का जवाब तो देना होगा
नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधायकों को खरीद-फरोख्त वाले बयान दिए थे। इस पर भाजपा नेताओं ने कहा कि उमर अब्दुल्ला ने भाजपा को बदनाम करने के लिए ये आरोप लगाए हैं। भाजपा ने याद दिलाया कि वह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। इसीलिए सीएम को सोच-समझकर बयान देना चाहिए।
भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने कहा कि अब उमर अब्दुल्ला को जवाब देना होगा। हमने पहले ही 30 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया है। उन्हें तय समय सीमा के भीतर जवाब देना होगा। उन्होंने जो आरोप लगाए हैं, उनके लिए उनके पास क्या सबूत हैं। क्या उनके पास कोई प्रमाण है? अगर वह तय समय के भीतर यह नहीं बता पाते कि उनके विधायकों को कथित तौर पर कौन प्रलोभन दे रहा था और ऐसा क्यों किया जा रहा था तो यह एक आपराधिक मामला बन जाएगा और भाजपा आपराधिक कार्रवाई करेगी।
इल्मी ने कहा कि जब उनके अपने नेताओं और विधायकों को ही उन पर भरोसा नहीं है, तो क्या उन्हें सच में लगता है कि 'ऑपरेशन लोटस' के बारे में ऐसे आरोप लगाने से उन्हें किसी तरह का कोई फायदा होगा। भाजपा इन झूठे आरोपों को आसानी से जाने नहीं देगी। हमारा लीगल नोटिस सीएम अब्दुल्ला को मिल चुका है और जवाब देना होगा।
जम्मू-कश्मीर भाजपा चीफ सत शर्मा ने कहा कि कश्मीर में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा के एक सीनियर नेता ने उनके विधायकों को तोड़ने और सरकार गिराने की कोशिश की। यह भारतीय जनता पार्टी पर एक गंभीर आरोप है, जो दुनिया की सबसे बड़ी पॉलिटिकल पार्टी है और अभी केंद्र में है। उन्होंने बार-बार प्रधानमंत्री और भाजपा की छवि खराब करने की कोशिश की है। उनका ध्यान हमेशा ऐसे नेता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और उनकी पॉलिटिकल पार्टी को कमजोर करने के तरीकों पर रहा है, जिनका दुनियाभर में सम्मान है। मीडिया के जरिए भाजपा ने साफ कहा था कि अगर वे नाम सार्वजनिक नहीं करना चाहते, तो उन्हें भाजपा से माफी मांगनी चाहिए। मैंने कहा था कि उन्हें नाम बताना चाहिए और अगर वे माफी नहीं मांगते तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
इसी के अनुसार हमारे कानूनी विभाग ने उन्हें नोटिस भेजा है। उनके कद को देखते हुए हमारी कानूनी टीम ने उनसे 100 करोड़ रुपए का मुआवजा मांगने का फैसला किया है, हालांकि उनके द्वारा किए गए नुकसान को देखते हुए यह मुआवजा भी उस पॉलिटिकल पार्टी की छवि खराब करने की उनकी कोशिश की भरपाई नहीं कर सकता, जो आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है और पिछले 12 साल से सत्ता में रहकर देश के हित में काम कर रही है।
दूसरी ओर, नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता शेख बशीर ने कहा कि उमर अब्दुल्ला ने जो कहा, उसमें क्या गलत था। उन्होंने बस इतना कहा कि किए गए वादे पूरे होने चाहिए। अगर हमारे विधायकों को लुभाने की कोशिश की जाती है, तो हम सवाल पूछेंगे।
उन्होंने कहा कि लोगों ने हमें जनादेश दिया। चुनावों के दौरान भाजपा ने कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन लोगों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के पक्ष में वोट दिया। अब वे उस जनादेश को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी दुनिया जानती है कि सिर्फ 29 विधायकों के साथ वे सरकार नहीं बना सकते, जब तक कि वे विधायकों को खरीदने की कोशिश न करें।
भाजपा नेता साजिद यूसुफ शाह ने उमर अब्दुल्ला के बयान पर कहा कि जो उन्होंने दावा किया था कि एक विधायक को 20 से 30 करोड़ रुपए दिए जा रहे थे, अगर ऐसा है तो सबूत दीजिए।
--आईएएनएस
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