विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग सख्त, असम-केरल-पुडुचेरी में तैयारियों की समीक्षा
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर केंद्रीय प्रेक्षकों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। इसकी अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की। इस दौरान निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी भी शामिल रहे।
बैठक में इन तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में तैनात सामान्य, पुलिस और व्यय प्रेक्षकों को चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस ब्रीफिंग में असम, केरल और पुडुचेरी के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ कुल 282 केंद्रीय प्रेक्षकों ने भाग लिया। आंकड़ों के अनुसार, असम में 126 विधानसभा सीटों के लिए 136 प्रेक्षक तैनात किए गए हैं, जिनमें 51 सामान्य, 35 पुलिस और 50 व्यय प्रेक्षक शामिल हैं।
केरल में 140 सीटों के लिए 108 प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जबकि पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए 38 प्रेक्षक तैनात किए गए हैं। इस प्रकार तीनों क्षेत्रों में कुल 296 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 282 केंद्रीय प्रेक्षक निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
निर्वाचन आयोग ने प्रेक्षकों को सख्त निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और उत्सवपूर्ण वातावरण में संपन्न हो, तथा इसमें किसी प्रकार की धमकी, हिंसा या प्रलोभन की कोई गुंजाइश न रहे। आयोग ने आदर्श आचार संहिता के कड़ाई से पालन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके अलावा, प्रेक्षकों को आम जनता, राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से शिकायतें प्राप्त करने के लिए अपने संपर्क नंबर और निर्धारित समय-स्थान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया। उन्हें यह भी निर्देशित किया गया कि वे मतदान प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की निगरानी करें, जिसमें पीठासीन अधिकारियों के प्रशिक्षण की गुणवत्ता, ईसीआईनेट के वोटर टर्नआउट मॉड्यूल पर हर दो घंटे में डेटा अपडेट, अमिट स्याही का सही उपयोग, फॉर्म 17-सी का सही तरीके से भरना और मॉक पोल डेटा को हटाना शामिल है।
आयोग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों, जैसे मोबाइल फोन जमा करने की व्यवस्था और मतदाताओं के बैठने के लिए पर्याप्त इंतजाम। साथ ही, वेबकास्टिंग मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं की गहन जांच और वहां तैनात स्टाफ की उचित प्रशिक्षण के साथ ट्रायल रन कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी तकनीकी या संचालन संबंधी त्रुटि को समय रहते पहचाना और ठीक किया जा सके।
--आईएएनएस
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