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विदेशी ताकतें भारत को अस्थिर करने की कोशिश में, जनता को जागरूक करना जरूरी : प्रो. निरंजन कुमार

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया गया। इस दौरान कई युवाओं ने देश के राजनेताओं के प्रतिनिधि के तौर पर अपनी बात रखी।
 

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया गया। इस दौरान कई युवाओं ने देश के राजनेताओं के प्रतिनिधि के तौर पर अपनी बात रखी।

समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ बातचीत के दौरान प्रोफेसर निरंजन कुमार ने कहा कि मॉक पार्लियामेंट एक अच्छा आयोजन है। देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में इसका आयोजन पहले से होता रहा है, लेकिन जनता के बीच लोकतंत्र और उसकी जटिलताओं के बारे में जानकारी पहुंचाना जरूरी है। खासतौर पर जब अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही हो, तब देश की जनता को आगाह करना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि एसआईआर लोकतंत्र को पवित्र रखने की प्रक्रिया है, जिसके जरिए डुप्लीकेट वोटरों, मृत हो चुके या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश में फर्जी वोट डालने का लंबा इतिहास रहा है।

प्रोफेसर निरंजन कुमार ने कहा कि विदेशी ताकतें भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को रोकने की साजिश कर रही हैं। उन्हें यह नहीं भाता कि जो देश पिछले 60 वर्षों से पिछड़ता जा रहा था, वह लगातार आगे बढ़ रहा है। विदेशी ताकतों को यह स्वीकार नहीं है। डीप स्टेट के माध्यम से भारत को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। देश की जनता को इसके प्रति भी आगाह किए जाने की जरूरत है और मॉक पार्लियामेंट में इसकी चर्चा की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मॉक पार्लियामेंट में राजनेता स्वयं मौजूद नहीं होते, बल्कि उनके प्रतिनिधि के रूप में युवा भाग लेते हैं, जो राजनेताओं की भूमिका निभाते हैं। इस भूमिका के जरिए हम यह बताने की कोशिश करते हैं कि लोकतंत्र की दशा और दिशा क्या है। साथ ही, विपक्ष की गैरजिम्मेदाराना हरकतों को भी सामने रखना चाहिए कि वे देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं।

प्रोफेसर निरंजन कुमार ने कहा कि हमारे देश की चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग से कई देश सीख रहे हैं, लेकिन कुछ लोग अपने ही चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार तो केवल बहाना हैं, असल निशाना मोदी सरकार है।

विपक्ष द्वारा आयोजित किए जा रहे मॉक पार्लियामेंट पर उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष अच्छा काम करेगा तो लोग उसका भी समर्थन करेंगे, लेकिन विपक्ष ने जिस तरह का काम किया है, वह ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पार्टी के मुखिया द्वारा अपशब्द कहे जाते हैं। उन्हें यह बताना चाहिए कि वे एसआईआर के जरिए देश की जनता को क्यों गुमराह कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मॉक पार्लियामेंट के जरिए देश की जनता को जागरूक और शिक्षित किया जाना चाहिए। लोगों को जोड़ने का काम करना चाहिए। देश में गैरजिम्मेदार लोगों और विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाने का समर्थन क्यों नहीं किया जाता? विपक्ष को जिम्मेदार व्यवहार करना चाहिए।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी