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विदेश मंत्री से मिलीं यूएन महासभा की अध्यक्ष बेयरबॉक

नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के दौरे पर आईं संयुक्त राष्ट्र महासभा की 80वीं अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक ने मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। द्विपक्षीय बैठक में जयशंकर के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा की।
 
विदेश मंत्री से मिलीं यूएन महासभा की अध्यक्ष बेयरबॉक

नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के दौरे पर आईं संयुक्त राष्ट्र महासभा की 80वीं अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक ने मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। द्विपक्षीय बैठक में जयशंकर के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा की।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विदेश मंत्री ने इस मुलाकात के दौरान हुई चर्चा का खुलासा किया। उन्होंने लिखा कि एनालेना बेयरबॉक की मेजबानी करना सुखद रहा। इस दौरान हमने यूएन80, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी), कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावों और पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर सार्थक और व्यापक चर्चा की।

उन्होंने आगे लिखा कि हमने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज की बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप बहुपक्षवाद में सुधार आवश्यक है, जिसमें विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के देशों की आवाज और प्राथमिकताओं को उचित प्रतिनिधित्व मिले। विदेश मंत्री ने उनकी सराहना करते हुए अंत में कहा, "संयुक्त राष्ट्र में उनके नेतृत्व और महत्वपूर्ण योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं।"

आधिकारिक यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत उन्होंने राजघाट पहुंच महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर की थी। इसके बाद ही उनकी जयशंकर से मुलाकात हुई।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की 80वीं अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा पर सोमवार को दिल्ली पहुंचीं। वह भारत सरकार के निमंत्रण पर आई हैं। फरवरी में नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस की यात्रा के बाद यह भारत में संयुक्त राष्ट्र के किसी उच्च पदेन अधिकारी की दूसरी यात्रा है।

एनालेना बेयरबॉक 2022 में भी भारत आई थीं। बतौर जर्मनी की विदेश मंत्री अपनी एक यात्रा के दौरान उन्होंने नई दिल्ली मेट्रो में भी सफर किया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष के तौर पर यह उनकी पहली यात्रा है। पहली यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था कि "इसमें कोई शक नहीं कि भारत 21वीं सदी की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण किरदार निभाएगा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी और उससे बाहर भी।"

--आईएएनएस

केआर/