विदेश मंत्री जयशंकर ने न्यूयॉर्क में वेनेजुएला, बेलारूस और मैक्सिको के समकक्षों से मुलाकात की
न्यूयॉर्क, 27 सितंबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र से इतर वेनेजुएला, मैक्सिको और बेलारूस के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग बैठक की। जिसमें द्विपक्षीय सहयोग और मौजूदा क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में संबंध मजबूत हो रहे हैं।
बैठक के बाद, विदेश मंत्री जयशंकर ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "यूएनजीए81 के दौरान यूएन मुख्यालय में वेनेजुएला के विदेश मंत्री फेलिक्स प्लासेंसिया गोंजालेज के साथ अच्छी बैठक हुई। द्विपक्षीय सहयोग के अन्य क्षेत्रों के अलावा, हमारे ऊर्जा संबंध भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हमने मौजूदा क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की।"
उन्होंने न्यूयॉर्क में यूएनजीए के दौरान मैक्सिको के अपने समकक्ष रॉबर्टो वेलास्को अल्वारेज और बेलारूस के समकक्ष मैक्सिम रिजेंकोव से भी मुलाकात की। विदेश मंत्री जयशंकर ने इन दोनों मंत्रियों के साथ हुई अपनी मुलाकातों की तस्वीरें भी पोस्ट कीं।
इससे पहले, विदेश मंत्री जयशंकर ने न्यूयॉर्क में कनाडा की अपनी समकक्ष अनीता आनंद के साथ बैठक की और कहा कि दोनों देश अपने संबंधों को "उच्च स्तर" पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
कनाडा की विदेश मंत्री के साथ अपनी बैठक की एक तस्वीर और एक छोटी वीडियो क्लिप शेयर करते हुए, विदेश मंत्री जयशंकर ने 'एक्स' पोस्ट किया, "यूएनजीए81 में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मिलकर हमेशा खुशी होती है। एक सार्थक चर्चा हुई क्योंकि हम संबंधों को ऊंचे स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।"
विदेश मंत्री जयशंकर इस समय न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 81वें सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने शनिवार (स्थानीय समय) को मंच से आतंकवाद, एआई और समुद्री सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपना बचाव करने के अधिकार का इस्तेमाल करेगा। नाम लिए बगैर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप 'अज्ञात देश' पर लगाया।
जयशंकर ने आम बहस (जनरल डिबेट) के दौरान कहा, "कल (शुक्रवार), आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने वाले एक देश ने इस सभा के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया।" उन्होंने कहा, "आतंकवाद के खिलाफ खुद का बचाव करने के हमारे अधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा।"
उन्होंने अपनी बात में उस देश का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को सामान्य बताने और इसके नतीजों से छूट का दावा करने के लिए तर्क दिए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि "ऐसा नहीं चलेगा।" जयशंकर ने कहा कि सीमा पार से होने वाला सरकारी प्रायोजित आतंकवाद वैश्विक व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती है। ऐसी गतिविधियों में शामिल सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग का पर्दाफाश करके उसे रोकना चाहिए।
विदेश मंत्री ने कहा, "आतंकवाद और दोस्ती-सद्भावना एक साथ नहीं चल सकते।" ऐसा करने वालों को अपना तरीका बदलना होगा। उन्होंने आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' (सख्त रवैया) बनाए रखने का आह्वान किया।
यह चेतावनी शांति, विकास और गरीब देशों के सामने आने वाली चुनौतियों पर दिए गए एक बड़े भाषण का हिस्सा थी। जयशंकर ने कहा कि दुनिया हर चीज का "हथियार के तौर पर इस्तेमाल" होते देख रही है - चाहे वह फाइनेंस और बाजार तक पहुंच हो या सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजी।
उन्होंने कहा कि देश जोखिम कम करके और अपने संबंधों में विविधता लाकर इसका जवाब दे रहे हैं। लेकिन व्यापक माहौल में भरोसा और सद्भावना कम हो रही है।
--आईएएनएस
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