वाइब्रेंट गुजरात समिट में निवेश और विकास का बड़ा रोडमैप, गोयनका और अंबानी के एलानों से बदलेगी तस्वीर
अहमदाबाद, 11 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात के राजकोट में रविवार को आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में देश के शीर्ष उद्योगपतियों ने राज्य और देश के भविष्य को लेकर बड़े ऐलान किए। इस सम्मेलन में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी और वेलस्पन ग्रुप के चेयरमैन बी.के. गोयनका की मौजूदगी खास रही।
सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, जहां देश-विदेश से आए उद्योगपतियों ने गुजरात को निवेश और विकास का अगला बड़ा केंद्र बताया।
वेलस्पन ग्रुप के चेयरमैन बी.के. गोयनका ने अपने संबोधन में कच्छ के विकास की कहानी साझा करते हुए बताया कि 2003 के वाइब्रेंट गुजरात समिट में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में कच्छ में निवेश करने का फैसला ऐतिहासिक साबित हुआ।
गोयनका ने कहा, "इस कहानी को साझा किए बिना कच्छ के बारे में बात करना अधूरा सा लगता है। मैं गर्व से कहना चाहता हूं कि 2003 में पहले वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के दौरान मैंने प्रधानमंत्री मोदी से हमारी विस्तार योजनाओं के संबंध में मुलाकात की थी। हम वापी में अपने कपड़ा प्लांट का विस्तार करने की योजना बना रहे थे, तब उन्होंने मुझसे कहा था कि नहीं गोयनका जी, आप ये प्लांट कच्छ में लगाइए, जहां 2001 में भयंकर भूकंप आया था। लाखों लोगों की मौत हो गई थी, न कोई इंफ्रास्ट्रक्चर था, न कोई रोड, न ही पानी थी। उन्होंने कहा कि यह बात मैं किसी राजनेता की हैसियत से नहीं बोल रहा हूं, ये बात मैं अपने दिल से बोल रहा हूं कि यदि आप कच्छ में एक रुपया लगाएंगे, तो आपको एक डॉलर वापस मिलेगा। दोस्तों बाकी इतिहास आपको पता है।"
गोयनका ने आगे कहा, "पिछले महीने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा वेलस्पन प्लांट के उद्घाटन के बाद, हमारी गुजरात स्थित यूनिट आज दुनिया की नंबर एक होम टेक्सटाइल कंपनी बन गई। आज वेलस्पन गुजरात में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करती है। आज यूएस और यूके में वेलस्पन का होम टेक्सटाइल का मार्केट शेयर 25 प्रतिशत से ज्यादा है।"
उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह हमारे पाइपलाइन व्यवसाय में हम वर्तमान में लगभग 5,000 करोड़ रुपए का निवेश कर रहे हैं और इस साल के अंत तक हम दुनिया की सबसे बड़ी पाइप निर्माता कंपनी बन जाएंगे।
वहीं, मुकेश अंबानी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘जय सोमनाथ’ के उद्घोष के साथ करते हुए कहा कि रिलायंस एक गुजराती कंपनी है और गुजरात उसकी आत्मा है। उन्होंने ऐलान किया कि रिलायंस अगले पांच वर्षों में गुजरात और देश में करीब 7 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी, जिससे लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
अंबानी ने बताया कि जामनगर में देश का सबसे बड़ा एआई डेटा सेंटर बनाया जा रहा है, जो भारत को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रिलायंस फाउंडेशन 2036 ओलंपिक से जुड़ी तैयारियों में अहम भूमिका निभाएगा और अहमदाबाद के नारनपुरा में वीर सावरकर मल्टीस्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का प्रबंधन गुजरात सरकार के साथ मिलकर करेगा। इसके साथ ही जामनगर में एक वर्ल्ड-क्लास अस्पताल भी विकसित किया जा रहा है।
अंबानी ने कहा कि गुजरात का विकास रिलायंस का संकल्प है और भारत माता की सेवा उसका धर्म। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता और भू-राजनीतिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सुरक्षित और आत्मनिर्भर दिशा में आगे बढ़ रहा है।
वाइब्रेंट गुजरात समिट में किए गए ऐलान साफ संकेत देते हैं कि गुजरात आने वाले वर्षों में भारत के औद्योगिक और तकनीकी विकास का सबसे बड़ा केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
--आईएएनएस
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